यहां खीर खाने से निःसंतान महिलाओं को होती है संतान की प्राप्ति, दूर दूर से आते हैं लोग

दुनियाभर मे भगवान शिव के कई ऐसे मंदिर हैं जो अपनी खास विशेषता और अनोखेपन के लिए प्रसिद्ध हैं । ऐसा ही एक अनोखा शिव मंदिर मध्यप्रदेश के रतलाम मे है जो देश ही नही बल्कि दुनियाभर मे अपने अनोखेपन के लिए प्रसिद्ध है, इसे भूल भुलैया वाले शिव मंदिर के नाम से भी जाना है ।

यह शिव मंदिर रतलाम के पिलपांक गांव मे स्थित है, इस मंदिर का मूल नाम विरूपाक्ष महादेव मंदिर है । कहा जाता है इस प्राचीन मंदिर की स्थापना मध्ययुग के पहले परमार राजाओं ने की थी । इस मंदिर का नाम महादेव के 11 रुद्र अवतारों मे से 5वें रुद्र अवतार के नाम पर विरूपाक्ष महादेव मंदिर रक्खा गया था।

महाशिवरात्रि के मौके पर हर साल यहां विशाल मेला लगता है, जिसमे दूर-दूर से श्रद्धालु महादेव के दर्शन के लिए आते हैं । मान्यता है कि बाबा भोलेनाथ के दरबार से कोई भी भक्त खाली हांथ नही लौटता । यहां की सबसे बडी खास बात यह है कि हवन के बाद बंटने वाले खीर के प्रशाद से मांओं की सूनी गोद भी भर जाती है । जिसके लिए दूरदराज से बडी संख्या मे महिलाएं विरूपाक्ष महादेव के दर्शन के लिए आती हैं ।

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर इस मंदिर मे यज्ञ किया जाता है यज्ञ के समापन के बाद अमावस्या पर यहां निःसंतान महिलाओं को खीर का प्रशाद वितरित किया जाता है । इस प्रशाद को लेने के लिए रतलाम जिले के अलावा अन्य कई जिलों से हजारों की तादात मे महिलाएं यहां पर आती हैं । बताया जाता है खीर के प्रशाद को ग्रहण करने के बाद महिलाओं को संतान की प्राप्ति हो जाती है ।

संतान प्राप्ति के बाद महिलाएं अपने बच्चों को लेकर यहां माथा टेकने जरूर आती हैं । यहां बच्चों को गुड, शकर, मिठाई, या अन्य सामग्रियों से तौले जाने की प्रथा भी प्रचलित है । इस महादेव मंदिर की ख्याति सुनकर दूर दूर से भक्त भोलेनाथ का दर्शन करने और संतान प्राप्ति की कामना से आते हैं ।

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