भारत का एक ऐसा मंदिर जहां होती है कुतिया देवी की पूजा

देशभर मे अनेकों मंदिर हैं जो लोगों के बीच श्रद्धा और आस्था केंद्र हैं । पर अगर बात की जाए किसी कुतिया के मंदिर की तो अजीब सा लगता है । उत्तर प्रदेश के जिला झांसी के मऊरानीपुर तहसील मे यह अजीबोगरीब कुतिया महारानी का मंदिर स्थित है। इस मंदिर मे सुबह शाम पूजापाठ भी होता है और मंदिर की देख रेख के लिए इस मंदिर मे पुजारी भी है ।

मंदिर के पुजारी किशोरी लाल यादव ने बताया कुतिया महारानी मऊरानीपुर तहसील के 2 गांवों रेवन और ककवारा के बीच रहती थी । एक बार दोनो गांवों मे एक ही दिन एक ही समय मे भोज का आयोजन हुआ । भोजन के लिए कुतिया देवी सबसे पहले रेवन गांव पहुंची लेकिन वहां भोजन तैयार नही हुआ था । इसलिए वहां से कुतिया देवी ककवारा गांव के लिए चल पडी, लेकिन वहां भी अभी तक भोजन बना नही था ।

जब दोनो ही गांवों मे भोजन बनने मे अभी समय था तो कुतिया देवी ने सोचा दोनो गांवों के बीच एक स्थान पर रुक कर वह तुरही बजने का इंतजार करेंगी । जिस गांव मे पहले तुरही बजेगी वही पहले भोजन के लिए वह पहुंच जाएंगी ।

पर यह क्या ! अचानक एकाएक दोनो ही गांवों की तुरही एक साथ बज उठी । कुतिया रानी थकी और भूखी थी इस ऊहापोह मे मौके पर ही कुतिया की मौत हो गयी । जिस जगह उसकी मृत्यु हुई वहीं पर समाधि स्थल बना दिया गया । दूसरे दिन जहां पर उसे दफनाया गया था, वहां पर पत्थर दिखायी दिया लोगों ने इसे चमत्कार समझ कर वहां पर मंदिर का निर्माण करा दिया ।

कुतिया महारानी मंदिर मे दूर दूर से लोग पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं । लोगों के मन इसके प्रति आस्था और श्रद्धा भी है आसपास के लोगों का कहना है इस मंदिर से लोगों की मुरादें भी पूरी होती हैं ।

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