कितना सामान्य है प्रेगनेंसी में ब्रेस्ट कैंसर होने का जोखिम?

गर्भावस्था के दौरान एक महिला को अपनी सेहत के साथ-साथ उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण की सेहत का भी ध्यान रखना होता है। ऐसी कई सामान्य स्थितियां होती हैं जो प्रेग्नेंसी के दौर को जोखिम भरा बना सकती हैं। इसी तरह प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट कैंसर होना भी एक गंभीर समस्या होती है।

वैसे देखा जाए तो, प्रेग्नेंसी के दौरान कैंसर होने का जोखिम प्रति 1,000 महिलाओं में से सिर्फ 1 महिला में ही होता है। हालांकि, कैंसर के सभी प्रकारों में प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम सबसे ज्यादा देखा जाता है। आंकड़े कहते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान कैंसर से पीड़ित प्रति 3,000 महिलाओं में 1 महिला ब्रेस्ट कैंसर का शिकार होती है।

प्रेग्नेंसी में कैंसर होने पर बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराना सुरक्षित माना जाता है। मां का दूध बच्चे के लिए पूरी तरह से सुरक्षित होता है। कैंसर सेल्स मां के दूध में नहीं आते हैं। हालांकि, कैंसर के उपचार की प्रक्रिया जैसे कीमोथेरिपी या अन्य दवाओं का इस्तेमाल ब्रेस्टफीडिंग की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसलिए आपके डॉक्टर आपको सलाह दे सकते हैं कि कैंसर का उपचार कराने के दौरान बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग न कराएं।

प्रेग्नेंसी के दौरान कैंसर के निदान और उपचार की प्रक्रिया अब काफी सुरक्षित मानी जाती है। अब ऐसी स्थितियां बहुत ही कम देखी जाती हैं, जब प्रेग्नेंसी में कैंसर के कारण अबॉर्शन कराने का फैसला लिया जाता हो। गर्भवती महिलाएं अपने चिकित्सक की सलाह और अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार प्रेग्नेंसी के दौरान या प्रसव के बाद कैंसर के उपचार के विकल्प को चुन सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »