लेरिन्जाइटिस होने पर करे ये घरेलू उपाय

लेरिन्जाइटिस स्वर तंत्रों में सूजन की वजह से होता है। यह आमतौर पर स्वर तंत्रों में अधिक दबाव या वायरल या बैक्टीरिया संक्रमण के कारण होता है। लेरिन्जाइटिस से जुड़े सबसे आम लक्षण हैं आवाज़ भारी या कमज़ोर पड़ जाना। कभी कभी तो व्यक्ति बोल भी नहीं पाता। यह अक्सर गले में खराश और सूखी खाँसी के साथ होता है।

ज्यादातर मामलों में, यह स्थिति स्वयं ही ठीक हो जाती है और इसके गंभीर परिणाम भी नहीं होते। ये समस्या आमतौर पर कुछ दिनों तक या अधिकतम 2 सप्ताह तक रहती है। अगर यह समस्या काफी दिनों तक ठीक न हों तो यह क्रोनिक (दीर्घकालिक) लेरिन्जाइटिस बीमारी हो सकती है। अगर ऐसा कुछ अनुभव होता है तो आप अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें। शुरुआत में इस स्थिति को ठीक करने के लिए आप कुछ आसान और सरल प्राकृतिक घरेलू उपाय से भी दर्द और सूजन से छुटकारा पा सकते हैं।

लेरिन्जाइटिस का उपाय करें सेब के सिरके से –
सेब के सिरके में रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो कि संक्रमणों से लड़ने में मदद करते हैं और इस प्रकार सेब के सिरके को लेरिन्जाइटिस के इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

सेब के सिरका को इस्तेमाल करने के दो तरीके –

पहला तरीका

कच्चा और अनफ़िल्टर्ड सेब साइडर सिरका के दो चम्मच और एक चम्मच शहद आधा कप पानी में मिलाएं।
इस उपाय को प्रभावी बनाने के लिए आप लाल मिर्च की एक चुटकी भी मिलाकर पी सकते हैं।
इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार ज़रूर पियें।
दूसरा तरीका

कच्चा और अनफ़िल्टर्ड सेब साइडर सिरका का एक चम्मच एक ग्लास गर्म पानी में मिलाएं।
अब इस मिश्रण का इस्तेमाल गलारे करने के लिए तब तक करें जब तक आपको किसी भी प्रकार का आराम न मिल जाये।

लेरिन्जाइटिस पर करना चाहिए प्याज के सिरप का उपयोग –
प्याज का सिरप एक प्राकृतिक दवाई के रूप में कार्य करता है और यह गले में होने वाली सूजन के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक घरेलू उपाय है।

प्याज के जूस का इस्तेमाल कैसे करें –

सबसे पहले तीन से चार मध्यम आकार के प्याज काट लें।
अब चार कप पानी में उन टुकड़ों को डाल दें।
इसे तब तक उबालें जब तक आपका मिश्रण गाढ़ा न बन जाये।
अब इस मिश्रण की पांच चम्मच को एक ग्लास गर्म पानी में मिलाएं।
उसमे एक चम्मच शहद और कुछ बूँदें नींबू के जूस की मिलाएं।
इस मिश्रण को धीरे धीरे पी जाये।

स्वर तंत्र की सूजन का उपाय है अदरक –
ताज़ा अदरक आपके गले के लिए अच्छा है क्योंकि यह स्वर तंत्र की श्लेष्म झिल्ली को मुलायम बनाता है और सूजन को भी कम करता है।

अदरक को इस्तेमाल करने के दो तरीके –

पहला तरीका

पतले पतलेटुकड़ों में सबसे पहले अदरक को काट लें।
अब उसे एक गर्म पानी के बर्तन में 10 मिनट के लिए डाल दें।
फिर उसे ढक कर रख दें।
10 मिनट के बाद मिश्रण को छान लें और ठंडा होने के लिए रख दें।
अब इस मिश्रण को पी जाएँ।
अदरक से बनी चाय को पूरे दिन में कई बार ज़रूर पियें।
दूसरा तरीका

आप अदरक के टुकड़ों को भी पूरे दिन चबा सकते हैं।

लेरिन्जाइटिस हो जाने पर करना चाहिए गर्म पानी नमक का उपयोग –
नमक का गर्म पानी बैक्टीरिया को मारने में मदद करता है साथ ही स्वर तंत्र और गले की सूजन का भी इलाज करता है।

नमक के गर्म पानी को इस्तेमाल कैसे करें –

एक या आधा चम्मच नमक को एक ग्लास गर्म पानी में डालें और उससे गलारे करें।
इस उपाय को पूरे दिन में कई बार करने की कोशिश करें।

लेरिन्जाइटिस पर घरेलू उपाय करें नींबू पानी से –
नींबू के जूस का अम्लीय प्रभाव बैक्टीरिया और वायरस को मरता है और स्वर तंत्र के विभिन्न लक्षणों को राहत प्रदान करता है। इसके अलावा यह बलगम को निकालने में भी मदद करता है।

नींबू का इस्तेमाल कैसे करें –

एक ग्लास गर्म पानी में एक नींबू का जूस निचोड़ लें।
अब उसमे समुंद्री नमक मिलाएं (अगर आपके पास समुंद्री नमक नहीं है तो साधारण नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं)।
इस मिश्रण का इस्तेमाल पूरे दिन में कई बार ज़रूर करें।

लेरिन्जाइटिस से छुटकारा पाने का तरीका है लहसुन –
लहसुन में रोगाणुरोधी गुण बैक्टीरिया और वायरस को मारने में मदद करते हैं। यह एक प्राकृतिक निराधार के रूप में भी कार्य करता है।

लहसुन का इस्तेमाल दो तरीकों से करें –

पहला तरीका

कच्चा लहसुन का एक टुकड़ा चबाकर निगल लें।

दूसरा तरीका

इसके अलावा कई लहसुन की फाकों को काट लें।
अब उन्हें मिक्सर में डालें और उसमे बराबर मात्रा में सेब का सिरका और पानी को दो दो चम्मच मिलाएं।
मिश्रण को मिक्स करने के बाद 4 घंटे के लिए उसे ऐसे ही छोड़ दें।
4 घंटे के बाद उसमे शहद को मिलाएं और फ्रिज में कुछ देर के लिए रख दें।
अब इस सिरप को 6 से 8 घंटे के दौरान एक या तीन चम्मच ज़रूर लें।

स्वर तंत्र की सूजन का घरेलू नुस्खा है स्लिपरी एल्म –
स्लिपरी एल्म में म्यूसिलेज होता है जो पानी के साथ मिलाकर एक जेल जैसा पदार्थ बनाता है और इस प्रकार गले में जलन और सूजन से राहत मिलती है।

स्लिपरी एल्म​ का इस्तेमाल कैसे करें –

कुछ ताज़ा स्लिपरी एल्म को पानी में मिलाएं।
पानी में डालने से यह जेल में परिवर्तित हो जाता है।
पूरे दिन में कई बार इस जेल पदार्थ को निगलने की कोशिश करें इससे आपके गले की सूजन कम होगी।
इसके अलावा आप स्लिपरी एल्म गोलियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
नोट – स्लिपरी एल्म गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए मन किया जाता है।

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