कलाई में दर्द होने पर करे ये घरेलू उपाय

हमारी कलाई आठ छोटी हड्डियों से बनी होती है, जिन्हे कार्पल हड्डी भी कहते हैं। ये हड्डियां बांह की हड्डियों और हाथ की हड्डियों से “लिगमेंट” (ligament) की मदद से जुडी होती हैं। कलाई में दर्द इसके किसी भी हिस्से में चोट या क्षति के कारण होता है।

हाथ और कलाई में दर्द लगातार हड्डियों में घर्षण व अत्यधिक इस्तेमाल, चोट या बुढ़ापा, कैल्शियम की कमी, गठिया, शुगर, थायराइड बढ़ना (हाइपरथायरायडिज्म) या थायराइड कम होना (हाइपोथायरॉइडिज़्म) और अन्य चिकित्सीय कारण हो सकते हैं।

यहाँ आपको कलाई के दर्द को कम करने के लिए कुछ घरेलू उपाय बताए गए हैं। यह उपाय आपकी मदद ज़रूर करेंगे लेकिन अगर दर्द बहुत तीव्र हो, लगातार या बार बार हो, तो कृप्या डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें।

कलाई के दर्द का घरेलू उपाय है बर्फ –
कार्पल टनल सिंड्रोम (carpal tunnel syndrome) की वजह से होने वाले दर्द को कम करने के लिए कलाई पर बर्फ का इस्तेमाल बहुत जल्दी राहत दिलाने में मदद करेगा।

बर्फ इस्तेमाल करने का तरीका –

सबसे पहले बर्फ को पतले तौलिए या कपडे में लपेट लें फिर उसे अपनी कलाई पर कुछ मिनट के लिए लगाकर रखें। फिरसे इस प्रक्रिया को कुछ देर बाद दोहराएं। 15-20 मिनट के लिए इस उपाय को जारी रखें। ठंडा पैक आपकी कलाई की सूजन और दर्द को दूर करने में मदद करेगा। इस उपाय को हर एक या दो घंटे बाद ज़रूर करें।

सावधानी – ध्यान रहे की बार्ड (या आइस पैक) सीधा त्वचा पर न लगाएं। बर्फ और त्वचे के बीच एक कपडा ज़रूर होना चाहिए।

कलाई के दर्द का घरेलू नुस्खा है हीट थेरेपी –
हीट थेरेपी मांसपेशियों को आराम और दर्द को कम करने में मदद करती है।

हीट थेरेपी करने का तरीका –

आप या तो गर्म कपडे का इस्तेमाल कर सकते हैं या एक बाल्टी में एक कप सेंधा नमक मिलाकर उसमे अपने हाथों को डाल सकते हैं। इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो या तीन बार ज़रूर करें। इससे आपकी कलाई में सूजन, दर्द और अकड़ने की समस्या कम होगी। रात में अपनी कलाई पर पट्टी बाँध लें इससे आपको हाथों और कलाई को एक सपोर्ट मिलेगा।

सावधानी – कपड़े या पानी को उतना ही गर्म करें जितना आप आसानी से सेहन कर पाएं। ध्यान रहे कि त्वचा जल न जाए।

कलाई में दर्द के लिए करें रेस्ट और एलिवेट तकनीक का उपयोग –
कलाई और हाथ को दर्द से राहत देने के लिए “रेस्ट और एलिवेट” अभ्यास को ज़रूर करें। “रेस्ट” मतलब आराम करना और “एलिवेट” का मतलब हाथ को उठा कर रखना होता है।

रेस्ट और एलिवेट करने का तरीका –

सबसे पहले आराम से लेट जाएँ। अब उस हाथ को जिसमें दर्द है, उसे ह्रदय से थोड़ा ऊपर रखने की कोशिश करें। ऐसा करने के लिए दो या तीन ऊंचे तकिये लें, और अपने करीब एक के ऊपर एक रख दें। सबसे ऊपर वाले तकिये का स्तर आपके ह्रदय से ऊपर होना चाहिए। अब इस तकिये पर अपने हाथ को रख लें और आराम करें। इससे आपके रक्त का प्रवाह कलाई तक कम पहुंचेगा और आपको कलाई में सूजन और दर्द से आराम मिलेगा। जब तक दर्द ठीक न हो जाए इस तरह से ही सोने की कोशिश करें।

कलाई में दर्द होने से बचने के लिए हाथ पर सिर रख कर ना सोएं –
जब भी आप रात को सोएं तो ध्यान रहे आपका प्रभावित क्षेत्र सिर के नीचे न आये। इससे आपके रक्त का प्रवाह रुक सकता है और कलाई या हाथों में दर्द उतपन्न हो सकता है। तो जब भी सोएं ध्यानपूर्वक सोएं।

कलाई को आराम देने के लिए जीवनशैली में लाएं बदलाव –
कलाई के दर्द को ठीक करने के लिए अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव लाएं जैसे –

व्यायाम करें जिससे आपके हाथ और हाथों की मांसपेशियों को मजबूती मिले।
जो गतिविधियां आपके काम में रुकावट पैदा कर रही हैं उन्हें पहचाने और उनमे बदलाव लाएं।
जो एक्टिविटी आप बार बार करते हैं – जैसे हथोड़ा मारना, टाइपिंग, बुनाई, सफाई, रैकेट को पकड़ने वाले खेल आदि – उनको करने की गति कम करें या उनको मरने में ज़ोर कम लगाएं।
जिस कलाई में दर्द है, उससे दुसरे हाथ से चीज़ों को पकड़ने का अभ्यास करें। उदहारण के तौर पर, अगर आपकी दाईं कलाई में दर्द है, और आप फ़ोन पकड़ने के लिए दाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं, तो बाएं हाथ का इस्तेमाल करने की कोशिश करें।
सिर्फ कुछ उँगलियों से ही नहीं, चीज़ों को पकड़ने के लिए पूरे हाथ का इस्तेमाल करें। उदहारण के तौर पर, सिर्फ अंघूटों और तर्जनी ऊँगली (index finger) से पकडे रहने से आपकी कलाई पर दबाव पड़ सकता है।
जब आप ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं जो वाइब्रेट होते हैं, तो इससे आपकी कलाई में परेशानी बढ़ सकती है। तो उनको इस्तेमाल करने के लिए ऐसे दस्ताने पहने जो वाइब्रेशन को अवशोषित कर लें। ऐसा करने से कलाई पर कम असर आएगा।
कोई भी खेल खेलते समय “रिस्ट गार्ड” (wrist guard; कलाई के सुरक्षा कवच) पहने। इससे आपकी कलाई ज़्यादा सुरक्षित रहेगी।

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