पिता और बेटे की इस कहानी को जरूर पढ़ें

यह कहानी पिता और बेटे की है।एक बार एक पिता ने अपने बेटे को खूब पढ़ाया लिखाया।उसे अच्छे संस्कार दिए।ओर उस पिता ने अपने बेटे के लिए वो सब कुछ किया जो वह कर सकता था।पढ़ लिखकर बेटा बहुत बड़ा अफसर बन गया।और उसे बहुत बड़ा खुद का केबिन भी मिला।इससे बेटे के पिता को बहुत गर्व हुआ और वह अपने बेटे से मिलने उसके ऑफीस पहुच गया।

पिता ने देखा कि बेटा कुर्सी पर बैठा था।पिता ने पीछे से आकर उस के कंधे पर हाथ रखा।और अपने बेटे से पूछा कि इस दुनिया मे सबसे ताकतवर व्यक्ति कोन है?(पिता ने सोचा कि बेटा उस का नाम लेगा )बेटे ने कहा कि पिताजी इस दुनिया मे सबसे ताकतवर व्यक्ति मैं हूं।

पिता को यह सुनकर बहुत बुरा लगा और वह वह से जाने लगा।लेकिन ऑफिस के दरवाजे पर रुक कर पिता ने बेटे से फिर पूछा कि अच्छा तुम अपने आपको सबसे ताकतवर मानते हो?

बेटे ने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया कि नही आप सबसे ताकतवर है।पिता ने कहा कि कुछ समय पहले तो तुमने कहा था कि तुम सबसे ताकतवर हो।इस बात पर बेटे ने कहा की मैंने सही कहा था क्योंकि उस वक्त मेरे कंधों पर आप का हाथ था।बेटे की यह बात सुनकर पिता की आँखे नम हो गयी और पिता ने बड़े गर्व से अपने बेटे को गले लगा लिया।

इस कहानी से हमे एक शिक्षा भी मिलती है कि बिना अपने माता पिता के साथ के हम कुछ भी नही है।माता पिता से हमारा वजूद है।इसलिए हमें अपने माता पिता का हमेशा आदर करना चाहिए।और साथ ही यह भी प्रयास करना चाहिए कि हम जिंदगी में कुछ ऐसा करे जिससे हमारे माता पिता को हम पर गर्व हो।

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