नवरात्रि का पहला दिन किस देवी को अर्पित होता है

माँ शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री मन माना जाता है , इसिलए इनका नाम शैलपुत्री (शैल -पर्वत ) पड़ा।

माँ शैलपुत्री को उमा नाम से भी जाना जाता है। इन्हें पार्वती, शैलसुता, दक्ष जैसे अनेक नामो से जाना जाता है।

माँ शैलपुत्री का वाहन वृषभ है जिसकी वजह से उन्हें वृषोरूढ़ा के नाम से जाता है।

प्रथम देवी माँ शैलपुत्री अपने दाहिने हाथ में त्रिशूल धारण करती है। मन माना जाता है की माँ का त्रिशूल जहाँ उनके भक्तों के लिए वरदान साबित है जो उनको अभयदान देता है,वहीँ पापियों और दुष्टों के लिए उनके पापों की सजा देने वाला और विनाश करने वाला साबित होता है।

माँ के बाएं हाथ में कमल का फूल शांति और खुशहाली को दर्शाता है।

इनके माथे पर चन्द्रमा शुशोभित है।

माँ शैलपुत्री भक्तों के रोगों व पीड़ाओं को हरने वाली है।

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