दुनिया की सबसे महंगी किताब में छुपा हुआ ये रहस्य, आप भी जानिए

एक बिल्कुल ही गुमनाम और फटी-पुरानी किताब, जिसमें शब्दों की ढेरों गलतियां रही हों, वह आज सबसे महंगी किताब बन गई है। बीते 26 नवंबर को अमेरिका के रहने वाले समाजैसेवी डेविड रुबंस्टीन ने ‘द होल बुक ऑफ सॉम’ नाम की इस किताब की एक प्रति को पाने के लिए 14.2 लाख डॉलर खर्च किए। इस किताब को ‘द बे सॉम बुक’ के नाम से भी जाना जाता है।

वर्ष 1640 में छपी इस किताब में वर्ष 1620 में तीर्थयात्रियों द्वारा मैसाचुसेट्स में खोजे गए एक छोटे से शहर प्लामाउथ की कहानी है, जिसमें 102 यात्री दुनिया की यात्रा पर निकलते हैं। इस किताब की कुल 1700 छपी वास्तविक प्रतियों में से सिर्फ 11 प्रति ही अब बाकी बची हैं।

यह किताब तब इसलिए भी खास बन जाती है कि सौ सालों में बिकने के लिए इसकी एक ही प्रति सामने आई है। वर्ष 1947 में येल यूनिवर्सिटी में एक नीलामी में इस किताब को खरीदा गया था, जिसके लिए 1,51,000 अमेरिकी डॉलर दिए गए थे।

हालांकि 66 साल पहले इस किताब को खरीदने के लिए चुकाई गई राशि किसी भी किताब को खरीदने के लिए दी गई राशि का एक रिकॉर्ड थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *