बहनों को अपने भाइयों के हाथों पर कभी नहीं बांधनी चाहिए ऐसी राखियां

भारत वर्ष उत्सव का देश है। भारतवासी हर उत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इस वर्ष भाई-बहन के प्रेम का त्यौहार रक्षाबंधन 3 अगस्त 2020 पर मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें अपने भाई को राखी बांधती हैं। अपने भाई से जीवन में अपनी रक्षा का वचन भी लेती है।

इस त्योहार को मनाने के लिए बहने ऑनलाइन शॉपिंग और मार्केट से शॉपिंग कर ली है। इस समय मार्केट में कई तरीके की राखियां बिक रही हैं। हमारे शास्त्रों में राखी बांधने के कुछ नियम बताए गए हैं। ये भी बताया गया है कि राखी कैसी होनी चाहिए। इसलिए जब भी आप राखी खरीदने जाएं तो इन बातों का ध्यान रखें। यदि आप इन बातों का ध्यान नहीं रखेंगे तो हो सकता है आपके भाई के साथ कुछ अशुभ घटनाएं घट जाए।

काली रंग की राखी ना बांधे

इस समय बाजार में अलग-अलग रंग की राखियां बिक रही है। जो बहनों को आकर्षित करती हैं। लेकिन कभी भी बहनों को अपने भाई के हाथ में बांधने के लिए काले रंग की राखी नहीं खरीदनी चाहिए।

हमारी शास्त्रों के अनुसार यदि बहनें अपने भाई को काले रंग की राखी बांधती हैं तो भाई के लिए मुश्किल समय शुरू हो जाता है। क्योंकि काला रंग शनि ग्रह से संबंधित है। सनी देवता को हमेशा कार्य को रोकने वाला देवता माना जाता है। इसलिए बहनों को चाहिए कि वह भाइयों को कभी भी काले रंग की राखी ना बांधे

खंडित और प्लास्टिक की राखी बांधने से बचें

अपने भाई के आंखों में कभी भी खंडित अथवा पुरानी राखी नहीं बांधी चाहिए। ऐसी राखियां भाई के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।

प्लास्टिक अशुद्ध वस्तुओं से बना हुआ है। प्लास्टिक से बनी राखियां लोगों के लिए दुर्भाग्य का कारण बनती हैं। इसलिए बहनों को चाहिए कि वह प्लास्टिक से बनी हुई राखियां अपने भाई के हाथों पर कभी भी ना बांधे।

अशुभ चिन्ह वाली अथवा भगवान पर चली हुई राखी कभी भी ना बांधे

ज्यादातर लड़कियां डिजाइन के चक्कर में राखियों पर बने हुए चिन्ह का ध्यान नहीं देती है। वह किसी भी डिजाइन की राखी खरीद लेती हैं। लेकिन यदि उस राखी पर कोई भी अशुभ चिन्ह अंकित है। तो वह आपकी भाई की जिंदगी में मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

भगवान पर चढ़ी हुई अथवा भगवान की प्रतिमा राखी कभी ना बांधे

कुछ लोग राखियों को पहले भगवान के ऊपर चढ़ा देते हैं फिर अपने भाई की कलाई पर बांध लेते हैं। जहां तक हो बहनों को यह करने से बचना चाहिए।इसी प्रकार भगवान की प्रतिमा लगी हुई राखियों को भी बहने भाइयों के हाथों में बांधती है। भाइयों के हाथों से राखियां खुल जाती हैं और जमीन पर गिर जाती हैं। जिससे आपके भाइयों को ईश्वर के कोप का शिकार होना पड़ सकता है।

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