जानिए एनल सेक्स से जुड़े मिथक और उनके पीछे का सच

कई लोगों के मन में यह सवाल आ सकता है कि क्या एनल सेक्स से मिलने वाला ऑर्गेज्म यानी एनल आर्गेज्म वजायनल सेक्स से मिलने वाले ऑर्गेज्म जैसा ही आनंद देता है? अगर, आपके मन में भी यह सवाल उठता है, तो हम आपको बता दें कि, एनस में कई नसों के सिरे मौजूद होते हैं, जिनमें से कुछ जननांगों से जुड़े होते हैं। इस तरह, आपको एनल सेक्स से भी ऑर्गेज्म प्राप्त हो सकता है।

महिलाओं में यह दोनों स्पॉट काफी संवेदनशील होते हैं और ऑर्गेज्म प्राप्त करने में मददगार होते हैं। दोनों ही स्पॉट वजाइनल वॉल के साथ लगे होते हैं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से एनल सेक्स के दौरान उत्तेजित किए जा सकते हैं।

पुरुषों में प्रोस्टेट की तरह ये स्पॉट भी शरीर में ऑर्गेज्मिक तरंगें भेजने में सक्षम होते हैं। इन्हीं स्पॉट की मदद से महिलाओं को फीमेल इजेकुलेशन या स्क्वरटिंग कहा जाता है।

हालांकि, कुछ महिलाओं को क्लाइमेक्स तक पहुंचने के लिए एनल सेक्स के दौरान क्लिटोरियल स्टिमुलेशन की जरूरत होती है। वहीं, कुछ महिलाएं सिर्फ ओरल या वजाइनल सेक्स से ही क्लाइमेक्स तक पहुंच पाती हैं।

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