जानिए नेल एक्सटेंशन करवाने के फायदे

नेल एक्सटेंशन में प्लास्टिक की हल्के वजन की प्लेट से नाखूनों को लंबा किया जाता है। इन प्लेटों को असली नाखून के ऊपर ग्लू की मदद से चिपकाया जाता है और इसके बाद इसे शेप दी जाती है। इन प्लेटों के चिपकने के बाद इसे फाइबर ग्लास, एक्रेलिक या जैल कोटिंग की मदद से मजबूत किया जाता है। इससे नाखून शाइनिंग और मजबूत बनते हैं।

नेल एक्सटेंशन का यह बहुत सामान्य तरीका है, जिसके बारे में संभवतः कई लोग जानते हैं। एक्रेलिक नेल्स के लिए मोनोमर लिक्विड मिक्स्ड और पॉलीमर पाउडर की मदद से पेस्ट बनाया जाता है और इसे नाखून की टिप पर लगाया जाता है। यह पेस्ट समय के साथ सख्त होता चला जाता है और 3 से 4 हफ्तों तक टिका रहता है।

एक्रेलिक एक्सटेंशन उन महिलाओं के लिए ज्यादा उपयुक्त है, जिनके नाखून टूटे या कमजोर होते हैं।

एक्रेलिक एक्सटेंशन उन महिलआों के लिए अच्छा विकल्प है, जिन्हें नाखून चबाने की आदत है। असल में एक्रेलिक एक्सटेंशन सख्त होते हैं जिन्हें चबाया नहीं जा सकता है।

अन्‍य विकल्‍पों की तुलना में एक्रेलिक नेल्‍स ज्‍यादा लंबे समय तक चलते हैं। इसलिए सैलून और स्‍पा में काम करने वाले अधिकतर टेक्‍नीशियनों को एक्रेलिक नेल्‍स लगाने और हटाने का अच्‍छा अनुभव होता है।

एक्रेलिक एक्सटेंशन के ज्यादा कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होते हैं इसलिए आपको ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »