जानिए कोरोना वायरस कैसे आपके अंगों को कर देता है ख़राब

कोरोना वायरस से संक्रमित अधिकांश लोगों को श्वसनतंत्र से जुड़ी साधारण से लेकर गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। हालांकि डब्ल्यूएचओ का यह भी कहना है कि जिन लोगों की इम्यूनिटी मजबूत होती है, वे बिना कोई विशेष इलाज के भी ठीक हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्गों के लिए कोविड-19 बीमारी जानलेवा साबित होती है।

इस वायरस से संक्रमण के बाद अधिकांश मरीज अपने आप ही ठीक हो जाते हैं या उन्हें फ्लू जैसी समस्याओं का थोड़ा-बहुत सामना करना पड़ता है, लेकिन वैसे लोग जिनकी रोग प्रतिरक्षा शक्ति कमजोरी होती है, उनको कोविड-19 बीमारी के कारण गंभीर नुकसान हो सकता है। इसी तरह बुजुर्ग या बच्चों को भी कोरोना का प्रभाव गंभीर रूप से बीमारी बना सकता है।

कोविड-19 से संक्रमित अनेक मरीजों की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि जब कोई मरीज कोविड-19 से संक्रमित होता है तो कोरोना का प्रभाव सीधा व्यक्ति के फेफड़ों में पहुंच जाता है और उसे नुकसान पहुंचाने लगता है।

सभी मरीज को ऐसी समस्याओं से नहीं गुजरना पड़ता, बल्कि कोरोना का प्रभाव केवल 25 प्रतिशत लोगों को ही नुकसान पहुंचाता है और इससे श्वसनतंत्र संबंधी गंभीर बीमारी होती है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, नोवल कोरोना वायरस से संक्रमण के बाद वायरस व्यक्ति के फेफड़े की कोशिकाओं में जाता है। वायरस के फेफड़ों पर पहुंचने पर फेफड़ों में बलगम अधिक बनने लगता है और रोग प्रतिरक्षा शक्ति कमजोर होने लगती हैं।

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