यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती पर आई बड़ी खबर, सुप्रीम कोर्ट ने…

उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दी थी। जिसके बाद यूपी में 69000 शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया था। याचिकाकत्ताओं की दलील सुनकर ही जस्टिस उदय उमेश ललित, जस्टिस शान्तनुगौडार और जस्टिस विनीत शरण की बेंच ने याचिका खारिज की।

लेकिन इसके बाद दो जजों ने आदेश में संशोधन की इच्छा जताई और मामले को ओपन कोर्ट में सुनने का आदेश दिया। इसका याचिकाकर्ताओं ने विरोध किया, इसके बाद मामले की सुनवाई हुई और कोर्ट ने सभी पक्षों से और यूपी सरकार से जवाब मांगा है।

मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार 6 जुलाई से पहले अपना पक्ष भेजे। सरकार बताए कि 45 फीसद सामान्य और आरक्षित के लिए 40 फीसदी के आधार को क्यों बदला। 6 जुलाई तक कोर्ट चार्ट के जरिए भर्ती के सारे चरण और डिटेल बताए। तब तक शिक्षा मित्र, जो सहायक शिक्षक के तौर पर कार्यरत हैं, उनको छेड़ा न जाए।

दरसल शिक्षक भर्ती के लिए निकाले गए विज्ञापन में न्यूनतम कट ऑफ अंक लाने की बात कही गई थी। उस समय सरकार द्वारा जारी इस विज्ञापन में यह नहीं बताया गया था कि कट ऑफ अंक कितना होगा। कट ऑफ के बारे में सरकार ने बाद में जानकारी दी थी।

इस दलील पर जस्टिस ललित ने कहा कि यानी आप चाहते हैं कि 45 फीसदी सामान्य के लिए और 40 फीसदी कटऑफ आरक्षित वर्ग के लिए होनी चाहिए. इस पर रोहतगी ने कहा, “जी. 40-45 फीसदी होने से ज्‍यादा लोगों के पास मौका होगा.”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »