रावण के छोटे भाई कुम्भकर्ण के बारे में 5 ऐसी बातें जिसे ज्यादातर लोग नहीं जानते

रामायण का मशहूर पात्र कुंभकर्ण अपने आप में विलक्षण है. कहा जाता है कि उसका भाई रावण अपने समय का सर्वाधिक विद्वान व्यक्ति था. उसके खानदान में एक से एक धुरंधर थे, जिनकी बौद्धिक क्षमता तत्कालीन विश्व में अतुलनीय थी। दोस्तों जैसा कि आप सभी लोगों को मालूम है कुंभकरण रावण का छोटा भाई था आज हम आप लोगों को कुंभकरण से जुड़े पांच ऐसी रोचक जानकारी बताने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद आप लोगों को मालूम नहीं होगा।

1. कुंभकर्ण के इस पहलू से तो हर कोई वाकिफ है कि कुंभकर्ण ने ब्रह्माजी से 6 महीने लंबी नींद का वरदान मांगा था. इस वरदान को ब्रह्माजी ने सहर्ष स्वीकार भी कर लिया था और उसी दिन से कुंभकर्ण 6 महीने की नींद में चला गया था।

2. एक मान्यता है कि ये गोपनीय स्थान किष्किंधा के दक्षिण में किसी गुफा में था जहां पर उसने आश्चर्यजनक रूप से एक भारी-भरकम प्रयोगशाला स्थापित कर रखी थी. वह अधिकांश वक्त इसी स्थान पर अपने सहयोगियों के साथ गंभीर व उन्नत किस्म के प्रयोग करता था।

3. स्वयं महर्षि वाल्मीकि ने अपने ग्रंथ रामायण में कुछ ऐसे दिव्यास्त्रों का जिक्र किया है, जिनकी विनाश क्षमता बहुत ज्यादा थी. इसे लेकर शोधकर्ताओं का दावा है कि ये सभी दिव्यास्त्र कुंभकर्ण की महान बुद्धि के परिचायक थे. हालांकि इन सब वक्तव्यों को शोधकर्ताओं ने किसी पुख्ता आधार पर पुष्ट नहीं किया है और न ही इन्हें सिद्ध करने के लिए किसी भौतिक साक्ष्य का सहारा लिया है।

4. वह ऋषि व्रिश्रवा और राक्षसी कैकसी का पुत्र तथा लंका के राजा रावण का छोटा भाई था।

5. कुम्भ अर्थात घड़ा और कर्ण अर्थात कान, बचपन से ही बड़े कान होने के कारण इसका नाम कुम्भकर्ण रखा गया था। यह विभीषण और शूर्पनखा का बड़ा भाई था।

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