10 सेकंड तक सांस रोककर ऐसे पता लगा सकते हैं कोरोना वायरस है या नहीं, जानिए कैसे

कोरोना वायरस ने दुनिया भर के करीब 151 देशों को अपनी चपेट में ले लिया है. भारत में कोरोना वायरस से 3 मौत हो चुकी हैं जबकि विश्व में इससे 7 हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं. कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से विश्व में इतनी तेजी से फैला है कि लोगों को इससे बचने का मौका भी नहीं मिल सका है.

कोरना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर काफी अफवाहें फ़ैल रहे हैं. साथ ही व्हाट्सऐप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस के अनेकों प्रकार के इलाज, बचाओं, जांच और खान-पान से लेकर इसकी मेडिसिन भी बताई जा रही है.

10 सेकंड तक सांस रोककर ऐसे पता लगा सकते हैं कोरोना वायरस है या नहीं, जानिए कैसे !

हालांकि, अभी तक कोरोना वायरस से बचने या इससे लड़ने के लिए कोई भी मेडिसिन या वैक्सीन तैयार नहीं हुई है. जानकारों के मुताबिक इस वायरस को पहचान कर इसका इलाज किया जाना मुमकिन है. यह वायरस छोटे-बड़ों में से किसी को भी हो सकता है.

इसलिए इस वायरस से बचने के कुछ निर्देश भी दिए गए हैं. हालांकि, अगर आपको लगता है कि यह वायरस आपको हो गया है या फिर आपको संदेह है तो आप 10 सेकंड तक सांस रोककर इसकी जांच कर सकते हैं. इस जांच में कितनी सच्चाई है आइए जान लेते हैं.

ताइवान के कुछ एक्सपर्ट का ऐसा मानना है कि यदि किसी व्यक्ति को कोरोना वायरस को लेकर संदेह है तो वह गहरी सांस लें और 10 सेकंड तक इसे रोक कर रखें. इस स्थिति में अगर आप 10 सेकंड तक बिना खांसी या फिर जकड़न के सांस को रोकने में कामयाब हो जाते हैं तो फेफड़ों में फाइब्रोसिस नहीं होता है जिसका अर्थ है कि आपके शरीर में कोई संक्रमण नहीं है.

हालांकि, स्नोपेस की एक रिपोर्ट के अनुसार फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है जिस कारण सांस रोकना मुश्किल हो जाता है. यह कोई वैज्ञानिक धारणा नहीं आप 10 सेकंड तक सांस रोककर स्वास्थ संबंधी खतरों की पहचान कर सकते हैं.

इसके अलावा कुछ अन्य कारणों के चलते भी आप अपनी सांस रोक नहीं सकते हैं. जिसमें एलर्जी, कोई पुरानी बीमारी, अस्थमा, संक्रमण और अन्य चीजें शामिल हैं. किसी भी प्रकार की जांच में 10 सेकंड सांस रोकने का उपाय शामिल नहीं है.

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