स्मार्ट फोन और एन्ड्रॉएड फोन में क्या अन्तर है?

एक जमाना था जब दूरसंचार का महत्वपूर्ण साधन फोन होते थे। लेकिन तब फोन सिर्फ फोन ही होते थे। अब तकनीकी में लगातार सुधार होने के कारण फोन सिर्फ फोन ही नही रह गए बल्कि पहले से अधिक स्मार्ट हो चुके है।

स्मार्टफोन में स्मार्ट का अर्थ है, बहुउद्देश्यीय फोन। यह सिर्फ फोन ही नही है वरन वर्तमान युग की कई जरूरतें पूरी करता है, मसलन इसमे फोन नंबर, मेल आई.डी., फैक्स नम्बर, पते इत्यादि स्टोर करने की सुविधा है, हिसाब जोड़ने के लिये केलकुलेटर है, डायरी लिखने के लिये नोटपैड है, अंधेरे को उजाले में तब्दील करने के लिये टॉर्च है, किसी अवसर की यादगार संग्रहित करने के लिये कैमरा है जिसमे फोटो शूट करने के साथ-साथ वीडियोग्राफी भी की जा सकती है, इंटरनेट भी है जिसमे डेस्कटॉप की अधिकांश जरूरतों को इस छोटी सी जेबी मशीन से पूरी की जा सकती है। इतना ही नहीं, गूगल के द्वारा प्रदत्त प्ले-स्टोर से अपनी आवश्यकतानुसार ऐप डाऊनलोड करके इसके उपयोग को और भी अधिक बढ़ाया जा सकता है। अतः यह सिर्फ फोन ही नही बल्कि एक स्मार्टफोन है।

अब बात करते है एंड्रॉयड फोन की।

एंड्रॉयड, गूगल द्वारा निर्मित एक विश्वप्रसिद्ध O.S. है, जो वर्तमान में प्रचलित कई ऑपरेटिंग सिस्टम्स में से एक लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह अधिकांश फोन निर्माताओं द्वारा प्रयोग किया जाता है। बाजार में उपलब्ध सैमसंग, शाओमी, ओप्पो, वीवो, पोको, हुआवे, वन प्लस इत्यादि फोन एंड्रॉयड प्लेटफार्म पर ही काम करते है।

लेकिन यह जरूरी नही कि हर स्मार्टफोन एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर ही काम करे। ऐप्पल के स्मार्टफोन उनके द्वारा निर्मित I.O.S. पर चलते है इसी प्रकार ब्लैकबेरी द्वारा निर्मित फोन ब्लैकबेरी द्वारा तैयार किये गए O.S. पर काम करते है। नोकिया ने अपने शुरुआती दौर में विंडोज O.S. पर चलने वाले स्मार्टफोन लांच किए थे किंतु एंड्रॉयड की प्रचुर लोकप्रियता के कारण उसने भी एंड्रॉयड O.S. इस्तेमाल किया।

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