स्मार्टफोन का फिंगरप्रिंट स्कैनर कैसे काम करता है? जानिए

आज के समय में सिक्योरिटी फीचर फोन यूजर्स के लिए सबसे अहम फीचर्स की लिस्ट में शामिल है। जब से मोबाइल फोन का उदय हुआ है तब से अब तक फोन को लॉक करने का तरीके काफी बदल चुका है। इससे पहले आपको हम बायोमेट्रिक और नॉन बायोमेट्रिक में फर्क बता दें।

बायोमेट्रिक में फिंगरप्रिंट स्कैनर, आइरिस स्कैनर, फेशियल रिकॉग्निशन जैसे सिक्योरिटी फीचर आते हैं, जिसमें आप ही फोन पासवर्ड होते हैं। इसके अलावा नॉन बायोमेट्रिक में पिन व पासवर्ड आता है।

मार्केट में उपलब्ध फोन्स में ऐसे सिक्योरिटी फीचर हैं जो बिना आपकी इजाजत के ओपन नहीं किए जा सकते। कई स्मार्टफोन्स फिंगरप्रिंट स्कैनर, आइरिस स्कैनर, फेशियल रिकॉग्निशन के साथ आने लगे हैं। लेकिन, अब भी फिंगरप्रिंट स्कैनर अगर किसी फोन में न हो तो उसे दूसरे स्मार्टफोन से कम माना जाता है।

अक्सर यह देखा जाता है कि स्मार्टफोन में लगे फिंगरप्रिंट सेंसर की डिमांड ज्यादा है। क्योकिं फिंगरप्रिंट सेंसर आपके फोन को सिक्योर रखता है ताकि आपका फोन कोई और अनलॉक न कर सके.

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