सिंघाड़े के औषधीय उपयोग क्या हैं?

सिंघाड़ा स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी माना गया है। इसमें बहुत ही औषधीय गुण पाए जाते हैं जो इस प्रकार हैं:-

सिंघाड़े में विटामिन-ए, सी, मैंगनीज, थायमाइन, कर्बोहाईड्रेट, टैनिन, सिट्रिक एसिड, रीबोफ्लेविन, एमिलोज, फास्फोराइलेज,

एमिलोपैक्तीं, बीटा-एमिलेज, प्रोटीन, फैट निकोटेनिक एसिड जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।

सिंघाड़ा शरीर के लिए मैंगनीज का अवशोषक करने में सक्षम होता है जिससे शरीर को मैंगनीज का भरपूर लाभ मिलता है। यह पाचन तंत्र के लिए बढ़ि‍या है साथ ही बुढ़ापे में होने वाली कई बीमारियों से भी बचाता है।

सिंघाड़े का सेवन गर्भावस्था में माता और शि‍शु के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे गर्भपात का खतरा भी कम होता है। इसके अलावा सिंघाड़ा खाने से मासिक धर्म संबंधी समस्याएं भी ठीक होती हैं।

सिंघाड़ा शरीर को उर्जा देता है, इसलिए उसे व्रत और उपवास के खाने में भी अलग-अलग तरह से शामिल किया जाता है। इसमें आयोडीन भी पाया जाता है, जो गले संबंधी रोगों से रक्षा करता है और थाइरॉइड ग्रंथि‍ को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

पीलिया के मरीजों के लिए सिंघाड़ा लाभदायक होता है। पीलिया में सिंघाड़ा खाना और इसका जूस पीना काफी लाभ देता है और पीलिया ठीक करने में मदद करता है।

अस्थमा के मरीजों के लिए भी सिंघाड़ा बहुत फायदेमंद होता है। सिंघाड़े का नियमित तौर पर प्रयोग करने से अस्थमा की समस्या कम होती है और सांस संबधी अन्य समस्याओं में आराम मिलता है।

बवासीर जैसी मुश्किल समस्याएं भी सिंघाड़े के प्रयोग से ठीक हो सकती हैं। नियमित तौर पर सिंघाड़े का प्रयोग कर आप इससे निजात पा सकते हैं।

सिंघाड़े का सेवन रक्त संबंधी समस्याओं को भी ठीक करता है, साथ ही मूत्र संबंधी रोगों के उपचार के लिए सिंघाड़े का प्रयोग बहुत फायदेमंद है। दस्त लगने पर भी सिंघाड़े का सेवन रामबाण उपाय है।

सिंघाड़ा खाने से फटी एड़ि‍यों में लाभ मिलता है। इसके अलावा शरीर में किसी भी स्थान पर दर्द या सूजन होने पर इसका लेप बनाकर लगाने से बहुत फायदा होता है।

इसमें कैल्शियम भी भरपूर पाया जाता है, इसलिए इसका सेवन करने से हड्ड‍ियां और दांत दोनों ही मजबूत होते हैं। यह शारीरिक कमजोरी को दूर करता है। आंखों के लिए भी सर्दी का यह फल बहुत लाभकारी है।

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