वैबसाइट पर captcha इस्तेमाल क्यो होता है? जानिए

कैप्चा कोड एक सिक्योरिटी चेक की तरह काम करता है, यह वो माध्यम है जिसकी मदद से किसी वेबसाइट पर आ रहे स्पैम को रोकने के साथ ही इंसान और रोबोट में फर्क करने के लिए प्रयोग किया जाता है, क्योंकि कैप्चा कोड को ऑटोमेटिक रूप से हल कर पाना किसी मशीन(रोबोट) या सॉफ्टवेयर के द्वारा संभव नहीं है।
Captcha का फुल फॉर्म- ‘Complete Automated Public Turing Test To Tell Computers and Human Apart’ होता है, इसका अविष्कार Luis Von Ahn, Manuel Blum, Nicholas Hopper और John Langford ने साल 2000 में किया था।
सरल शब्दों में बात करें तो कैप्चा का प्रयोग इंसानों तथा मशीनों के बीच अंतर करने के लिए किया जाता है।

इसका प्रयोग क्यों किया जाता है?-

आज के समय में कंप्यूटर काफी ज्यादा एडवांस हो गए हैं, जिस काम को इंसान कुछ मिनटों में करता है कंप्यूटर में मौजूद सॉफ्टवेयर इसको ऑटोमेटिक रूप से माइक्रो सेकंड के भीतर कर देता है, यह स्पीड इंसान से लाखों गुना तेज हैं, इंटरनेट पर भी बहुत सी ऐसी चीजें हैं,जिसको इंसान के द्वारा ही किया जाना जरूर होता है कंप्यूटर के द्वारा इसका ऑटोमेटिक रूप से मिसयूज होने से रोकने के लिए कैप्चा का प्रयोग किया जाता है, क्योंकि ‘कैप्चा को एक इंसान के द्वारा ही पढ़ा जा सकता है किसी मशीन के द्वारा नहीं’ इसलिए इसे लास्ट में इससे यह ऑथेंटिकेट करने के लिए लगा दिया जाता है कि कंप्यूटर पर बैठा यूजर एक इंसान ही है ना कि कोई रोबोट और इस कारण से इस काम को केवल इंसानों के द्वारा ही किया जा सकता है।
दूसरे शब्दों में बात करें तो आपने कभी न कभी कोई फॉर्म भरा होगा जो फॉर्म भरने के दौरान अंत में एक कैप्चा कोड लगा होता है, जिसको भरने के बाद आप उसके अगले पेज पर आने जानकारी भरने के लिए जा सकते हैं अब यदि वहां पर ऐसा कोई भी फिल्टर नहीं लगा है, जो कि रोबोट्स को रोक सके तो होगा यह कि, वहां पर रोबोट आसानी से हजारों-लाखो फॉर्म प्रति मिनट की दर से ऑटोमेटिक रूप से fill कर सकते है और उसका मिसयूज किया जा सकता है इसलिए इस तरह की स्पैमिंग को रोकने के लिए कैप्चा कोड का प्रयोग किया जाता है।

कैप्चा कोड कैसे बनता है?-

अंदर साधारण सी इमेजेस नंबर अल्फाबेट होते हैं किसी इमेज में उन नंबर्स को डालने के बाद उस इमेज को विकृत कर दिया जाता है जिससे कोई भी सॉफ्टवेयर या टेक्नोलॉजी उन अक्षरों को नहीं पढ़ पाती और इसे केवल इंसान ही देखकर समझ सकता है जिस कोर्ट में इन तस्वीरों का प्रयोग किया जाता है उसमें तस्वीरों का रिजर्वेशन काफी कम होता है जिससे इमेज धुंधली सी दिखने लगती हैं लेकिन उनमें जो भी कीवर्ड छुपा रहता है वह थोड़ा ध्यान देने पर समझ में आ जाता है।

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