रहने योग्य दुनिया का आखिरी छोर जाने कहां है

जब छोटा था तो कुल्लू – मनाली की तस्वीरें देख यही सोचता रहता था कि सचमुच इस धरती पर इतनी खूबसूरत कोई जगह होगी । इस सवाल का जवाब मुझे 2013 में मिला जब मैंने यहां की पहली यात्रा की । मेरी यह यात्रा किसी सपने के सच होने जैसी थी । आपको बता दूं कि देवताओं की घाटी के रूप में प्रसिद्ध ये शहर हिमाचल प्रदेश के मुकुट का एक महत्वपूर्ण रत्न हैं ।

यह अपने आप में समय को बहुत ही सघनता के साथ संजोये हुए है । कुल्लू की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पौराणिक महत्त्व लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है और स्थानीय निवासियों का व्यवहार यात्रियों को बांध लेता है । स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार , कुल्लू शहर को अतीत में कुलथपीठ के रूप में जाना जाता था , जिसका अर्थ है कि रहने योग्य

दोनों धर्मों के लोगों ने कुल्लू दुनिया का आखिरी छोर । इस जगह का उल्लेख हिंदू महाकाव्यों रामायण और महाभारत में भी मिलता है । इतिहासकारों का मत है कि एक समय में कुल्लू में , कई हिंदू मंदिरों के साथ – साथ कई बौद्ध मठ भी थे , और घाटी में शांतिपूर्ण सहअस्तित्व बनाए रखा था । इस जगह पर आते ही आध्यात्मिकता की एक बहुत ही सुखद कुल्लू अपने सास्कृतिक और धार्मिक महत्त्व के अलावा अपनी खूबसूरत घाटियों के लिए जाना जाता है ।

कई सुखद ट्रेकिंग मार्ग , सुंदर पर्वतीय घाटी और मंदिरों की अनोखी वास्तुकला इस जगह पर पहुंचने के बाद देखने को मिल जाती हैं । द ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क भी । कुल्लू में ही स्थित है और इसकी जैव विविधता , पर्यटकों के लिए एक और आकर्षण हैं । हिमाचल संस्कृति और लोक कला संग्रहालय देखना बहुत ही खूबसूरत अनुभूति देता है । अनुभूति होती हैं ।

राज्य की प्राचीन और पारंपरिक विरासत का शानदार संग्रह संजोये हुए यह दिलचस्प संग्रहालय 1998 में स्थापित किया गया था । यह हडिम्बा मंदिर के ठीक बगल में हैं । संग्रहालय के कुछ प्रदर्शनों में कुल्लू घाटी और उसके आसपास के मंदिरों और किलों के छोटे आकार के मॉडल भी शामिल हैं । पारंपरिक वस्त्र , पोशाकें और आभूषण , फर्नीचर , स्थापत्य लकड़ी पर नक्काशी , नृत्य और धार्मिक देवता के मुखौटे . धार्मिक अवशेष और स्थानीय संगीत वाद्ययंत्रों का संग्रह भी है । संग्रहालय न केवल पारंपरिक कलाओं और जीवन शैलियों को संरक्षित करने में मदद करता है , बल्कि राज्य की नष्ट होती विरासत और रीति रिवाजों के बारे में भी जागरूकता पैदा करता है । यह पर्यटकों के लिए उतना ही रोचक है , जितना उन इतिहासकारों और विद्वानों के लिए जो इस क्षेत्र के बारे में अधिक जानने के लिए उत्सुक हैं

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