यदि मेरा हस्ताक्षर किया हुआ खाली बैंक चेक किसी अनजान व्यक्ति के हाथ लगता है और वह मेरे बैंक खाते से पैसे निकालता है तो ऐसी स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए?

बहरहाल, उस खाली चेक के जरिये आपके खाते से रकम निकल ली जाती है ये भी थोड़ा अटपटा सा लगता है क्योंकि चेक गम होते ही सबसे पहले आपको बैंक को लिखित इत्तिला देनी चाहिये और साथ मे उसे स्टॉप पेमेंट का अनुरोध भी देना चाहिए।

इसके बावजूद अगर आपने ऐसा नही किया तो चेक धारक चेक का मालिक माना जायेगा और बैंक आपके हस्ताक्षर के आधार पर उस चेक का भुगतान कर देगी। और आप बैंक पर इल्जाम नही लगा सकेंगे।

लेकिन, आज कल बैंक बहुत सतर्क हो गए है। चेक को भुगतान करने के पहले आजकल रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक फोन जाता है और आप से पूछा जाता है कि अमुक चेक अमुक के नाम से आपने जारी किए हैं या नहीं। इसी तरह बैंक की खिड़की पर भुगतान वाले चेक के मामले में भी हस्ताक्षर कर्ता यानि खाता धारक से सत्यपित की जाती है।

मेरा निजी अनुभव रहा है कि अगर आप साधारणतया किसी रकम के बीच ही लेनदेन करते हैं और अचानक ही एक अप्रत्याशित रकम की लेनदेन बैंक में आपके खाते में लंबित दिखती है तो बैंक आपसे जरूर सत्यपित करता है, अगर ऊपर वाली सत्यापन की प्रणाली प्रत्येक चेक के मामले आपका बैंक आपसे नही करती है तो।

और अंत मे, प्रश्न का जवाब। इतने के बाद भी अगर आपके खाते से पैसे निकाल लिये जाते है तब आपके पास निम्न स्थितियां बनती हैं:

  1. जैसा कि हमने पहले ही कहा कि आप बैंक पर दोषारोपण नहीं कर सकेंगे क्योंकि आपके असली हस्ताक्षर चेक पर मौजूद हैं। बैंक ने आपके हस्ताक्षर के आधार पर चेक का भुगतान किया है जो कि प्रक्रिया के अनुरूप ही है।
  2. आपकी इतनी सारी गलतियों के बाद भी अगर चेक का भुगतान हो जाता है तो उसके बाद कुछ नहीं किया जा सकता है क्योंकि कुछ गलतियों को सुधारने का मौका जीवन नही देता, सिर्फ उन गलतियों के प्रतिफल भुगतने पड़ते हैं।
  3. आप अपनी सन्तुष्टि के लिये बैंक से उस व्यक्ति के नाम की जानकारी मालूम कर सकते है और उस नाम के व्यक्ति पर थाने में जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज करवा सकते है लेकिन इन सब से कुछ नहीं होगा।
  4. रकम निकालने वाला अपना सही नाम ही देगा, जरूरी नहीं। और अगर सही नाम दे भी दिया हो तो भी वो कौन था, कहाँ रहता है, ये सब बिना जाने उस पर पुलिस भी क्या और कैसे कार्यवाही करेगी।
  5. बैंक के CCTV में उस व्यक्ति का चेहरा दिख सकता है मगर सिर्फ एक चेहरे के आधार पर उस व्यक्ति का पता लगाना और ढूंढना एक टेढ़ी खीर है।
  6. अगर आपका कोई खाश आदमी पुलिस में उच्च पद पर हो तो शायद कुछ हो पाए। क्योंकि एक तस्वीर के आधार पर, (वो भी CCTV के फुटेज के आधार पर अगर उस व्यक्ति का चेहरा साफ दिख पाया तो), शहर में उसे ढूढना आसान नहीं।
  7. लेकिन इन सब के बाद या पहले एक कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस जरूर कर लें। कहीं ऐसा न हो कि जितना नुकसान हुआ है, उससे ज्यादा उस व्यक्ति को ढूढने में खर्च हो जाय।
  8. और हाँ, आखिरी बात, सभी खर्चे जोड़ते समय अपने समय का हिसाब भी रखियेगा जो आप इन सब मे लगाने वाले है। क्योंकि आप एक काम काज वाले व्यक्ति है तो प्रति महीने जो भी आप कमाते है उसके हिसाब से आपके प्रति घंटे का कुछ कॉस्ट होगा जो कि आप खोएंगे, इन सब प्रपंचो में।

बाकी निर्णय तो आपको लेना है कि क्या करना है। चुकि मैं चार्टर्ड अककॉउंटेंट हूँ तो, रुपये के मामलों में हिसाब लगाने की आदत है। बस वो हिसाब कोरा पर नही लगा पाता।

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