मोबाइल का अंधेरे में क्यों उपयोग नहीं करना चाहिए? जानिए

मोबाइल से हाय एनर्जी विजिबल लाइट (एचर्इवी) या ब्लू लाइट निकलती है जो कि आंखों के लिए बेहद नुकसानदायक होती है। असल में एक लैब स्टडी के दौरान इस लाइट के एक्सपोजर के बाद आंखों की कोशिकाआें में बदलाव देखने को मिला था इसलिए वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि रात के अंधेरे में मोबाइल स्क्रीन को नहीं देखना चाहिए।

एचर्इवी लाइट आपके घर की एलर्इडी लाइट और सूरज की रोशनी में भी मौजूद होती है लेकिन मनुष्य का इनसे ज्यादा देर तक वास्ता नहीं पड़ता है इसलिए इनसे नुकसान भी कम होता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इस आदत के कारण आंखों में कोई गंभीर परमानेंट लाॅस तो नहीं होता लेकिन इससे आंखे बेहद थक अवश्य जाती हैं। अगर आपको ऐसा कोई लक्षण नजर आता है तो तुरंत डाॅक्टर को दिखाएं क्योंकि इलाज न मिलने की सूरत में आंखों की कोई भी गड़बड़ी आपकी समस्या को और बढ़ाएगा।

एक्सपर्ट की राय है कि मोबाइल स्क्रीन या टीवी स्क्रीन या फिर कंप्यूटर स्क्रीन को देखते समय हर 20 मिनट में 20 सेकंड तक 20 फीट दूरी पर रखी किसी चीज को देखें। इससे आपकी आंखों को रिलेक्स होने का भरपूर मौका मिलता है।

इसी तरह रात को सोते समय मोबाइल पास रखकर सोना भी आपके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगा क्योंकि इसमें से खतरनाक इलैक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरण निकलते हैं जो कि आपकी सांस के साथ शरीर में प्रवेश करेेंगी।

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