पढ़ाई के लिए कौन सी दिशा है बहुत शुभ,जानिए

याद रखें कि ध्यान और शांति की दृष्टि से पूर्व, उत्तर या फिर उत्तर-पूर्व दिशा बहुत ही शुभ मानी गई है। वहीं, सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव भी इसी दिशा में सबसे अधिक होता है। ऐसे में इस बात का खास ध्यान रहे कि आपका बच्चा जहां पढ़ता है वह इन्हीं दिशाओं में हो और पढ़ते समय चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा में ही रहे।

स्टडी टेबल का सही जगह क्या है

बच्चे कहीं भी बैठ का ना पढ़ें इसलिए उनके लिए स्टडी टेबल बनायी जाती है या फिर रेडिमेड बाजार से लेकर आया जाता है… पढ़ाई की मेज रखने की सबसे शुभ जगह उत्तर जोन को माना गया है। ऐसी मान्यता है कि यहां मेज रखने से बच्चे अपने करियर पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं।

पढ़ाई की आलमारी का क्या है शुभ जगह –

दूसरी ओर पढ़ाई हेतु कमरे में पुस्तकों की छोटी और हल्की रैक या फिर अलमारी पूर्व या उत्तर दिशा में ही होना बहुत शुभ माना जाता है। टेबल लैंप मेज़ के दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना लाभदायक माना जाता है। टेबल कवर के रूप में सफ़ेद चादर का प्रयोग करना आपके बच्चे के सात्विक विचारों में वृद्धि करता है।

वह बच्चें जो अपने करियर बनाने की सोच रहे तो वह वेद संसार द्वारा बताए जा रहे उपायों को फॉलो करें –

• रेलवे एवं प्रशासनिक सेवा में जॉब पाने के लिए –
हर वह विद्यार्थी जो रेलवे या फिर प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो उन्हें अपना स्टडी टेबल पूर्व दिशा में रखना चाहिए।

• बैंक, मैनेजमेंट एवं संगीत में जॉब पाने के लिए –
दूसरी ओर जो बच्चे अपना करियर लेखन, गायन, संगीत, बैंक, व्यापार प्रबंधन आदि की तैयारी कर रहे हैं, तो उन्हें अपना पढाई का कमरा उत्तर दिशा में ही रखना चाहिए।

• मेडिकल, लॉ एवं कंप्यूटर में जॉब पाने के लिए

मेडिकल, कानून, कम्प्यूटर या फिर इससे सम्बंधित परीक्षाओं की तैयारी आप कर रहे तो उन छात्रों को दक्षिण दिशा में पढ़ना चाहिए, क्योंकि इससे उनको सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

वेद संसार द्वारा बताए गए वास्तु टिप्स को ध्यान में तो रखें ज़रूर, लेकिन इसके अलावा यह बातें कभी ना भूलें कि आपका स्टडी रूम साफ़ होना चाहिए और भरा-भरा भी नहीं होना चाहिए। पढ़ाई करने वाली मेज पर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में भगवान श्री गणेश, मां सरस्वती या अपने इष्ट देव की तस्वीर आप लगा सकते हैं और पढ़ने बैठने से पहले उन्हें प्रणाम करना ना भूलें। कोशिश करें कि आपके स्टडी रूम में शौचालय ना हो तो ज्यादा अच्छा होगा, लेकिन अगर शौचालय है भी तो उसका दरवाज़ा हमेशा बंद ही रखें।

यही नहीं, स्टडी रूम की दीवारें टूटी-फूटी या फिर सीलन वाली नहीं होनी चाहिए। अपने स्टडी रूम की दीवारों का रंग हल्का पीला, हल्का गुलाबी या हल्का हरा ही रखें, क्योंकि ऐसा रखने से आपकी बुद्धि, ज्ञान, स्फूर्ति एवं स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है।

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