डाक सेवा बन्द होगी, घाटे के विभाग पर रेल मंत्रालय सख्त

रेल मंत्रालय ने घाटे पर चल रहे विभागों के प्रति सख्ती बढा दी है। डाक की मैसेंजर सेवा को बंद करने के लिए मंत्रालय ने कागजी कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। मंत्रालय ने मीडिया को बताया कि घाटे के विभागों को बंद करना ही वर्तमान परिस्थितियों में उचित दिख रहा है। रेल मंत्रालय ने अपने वार्षिक लागत को घटाने के लिए और बनाए जाने वाले लाभ को उचित प्रारूप से एकत्रित करने हेतु और अधिक आर्थिक खर्च को कम करने के लिए यह निर्णय लिया है।

डाक मैसेंजर सेवा अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही थी, जिसमें रेल मंत्रालय द्वारा आवश्यक और बेहद गुप्त दस्तावेज एक विभाग से दूसरे विभाग तक पहुंचाए जाते थे। रेल मंत्रालय ने यह सुविधा पिछले कुछ सालों से ज्यादा उपयोगी सिद्ध नहीं हुई क्योंकि वर्तमान समय में इंटरनेट की सुविधाओं ने किसी भी दस्तावेज को गुप्त तरीके से भेजने में ख्याति प्राप्त कर ली है। रेल मंत्रालय ने इस विषय पर चर्चा करते हुए अपने अधिकारियों को आदेश दिया की डाक मैसेंजर सेवा को वर्तमान समय से स्थगित कर इंटरनेट के माध्यमों पर भरोसा करना आवश्यक है।

डाक मैसेंजर सेवाओं के पदों की भर्ती इस वर्ष से आना बंद हो जाएगी और भारत में रोजगार का एक और दरवाजा बंद कर लिया जाएगा। रेल मंत्रालय ने अन्य भी घाटे के विभागों पर शिकंजा कसा है, परंतु अभी यह सामने नहीं आया है कि उन विभागों को बंद किया जाएगा या उनके साथ कोई सुधार किया जाएगा।

इससे सामान्य नागरिक की डाक सेवा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सामान्य नागरिक की डाक सेवा वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर ही कार्यरत रहने का आदेश दिया गया है। वर्तमान डाक मेंं होने वाले परिवर्तन को  मीडिया के द्वारा  प्रसारित कर दिया जाएगा

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