जानिए सिरदर्द के कारण और बचाव के तरीके

सिरदर्द को परिभाषित करने के विभिन्न तरीके हैं। अंतर्राष्ट्रीय हेडेक सोसाइटी सिरदर्द को दो भागों में विभाजित करती है। पहला प्राथमिक (primary) सिरदर्द, जो किसी अन्य समस्या से उत्पन्न नहीं होते हैं, दूसरा माध्यमिक (secondary) सिरदर्द, जिसमें कई मुख्य कारण होते हैं।

  1. प्राथमिक सिरदर्द – प्राथमिक सिरदर्द अपने आप होने वाली बीमारी है, जो सिर के अंदर दर्द-संवेदी संरचनाओं की अतिक्रियाशीलता या उनमे उत्पन्न समस्याओं के कारण होते हैं। इनमें रक्त वाहिकाएँ, माँसपेशियाँ, सिर और गर्दन की नसें शामिल हैं। ये मस्तिष्क की रासायनिक गतिविधि में होने वाले बदलावों का परिणाम भी हो सकते हैं।
  2. माध्यमिक सिरदर्द – माध्यमिक सिरदर्द लक्षण तब दिखाई देते हैं, जब सिर की संवेदनशील नसों को कोई अन्य कारक उत्तेजित करता है। दूसरे शब्दों में, सिरदर्द के लक्षण किसी अन्य कारण के लिए जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं। विभिन्न कारकों की एक विस्तृत श्रृंखला माध्यमिक सिरदर्द पैदा कर सकती है।

इनमें शराब से होने वाला हैंगओवर, ब्रेन ट्यूमर, रक्त का थक्का, काला मोतियाबिंद, रात में दाँत पीसना, दर्द की दवा की अत्यधिक खुराक जिसे रिबाउंड सिरदर्द, शरीर में हलचल और स्ट्रोक के रूप में जाना जाता है, शामिल हैं।

सिरदर्द के कारण

सिर में उपस्थित दर्द-संवेदी ढाँचों में जलन या चोट लगने के कारण सिरदर्द होता है। जो संरचनाएँ दर्द को महसूस कर सकती हैं, उनमें खोपड़ी, माथा, सिर का ऊपरी भाग, गर्दन और सिर की मांसपेशियों, सिर की प्रमुख धमनियों और नसों, साइनस और मस्तिष्क के चारों ओर मौजूद ऊतकों को शामिल किया जा सकता है।

सिरदर्द तब हो सकता है, जब इन संरचनाओं में दबाव, ऐंठन, तनाव, सूजन या जलन होती है। हल्के सिरदर्द को शुरू करने वाली घटनायें उन लोगों के बीच व्यापक रूप से होती हैं, जिन्हे सिरदर्द की बीमारी होती है। प्रत्येक व्यक्ति का अपना अलग पैटर्न होता है।

प्राथमिक सिरदर्द के कारण

प्राथमिक सिरदर्द अपने आप होने वाली बीमारी है, जो सिर में उपस्थित दर्द-संवेदी ढाँचों में अत्यधिक सक्रियता या समस्याओं के कारण तुरंत हो जाती है।

इसमें रक्त वाहिकाएँ, मांसपेशियाँ, सिर और गर्दन की नसें शामिल हैं। प्राथमिक सिरदर्द मस्तिष्क में रासायनिक क्रियाकलापों में होने वाले बदलावों के कारण भी हो सकते हैँ।

सिरदर्द को कैसे रोकें?

सिरदर्द कष्टकारी और कमज़ोरी लाने वाले हो सकते हैं। ऐसे किसी भी व्यवहार की पहचान करने का प्रयास करें, जो आपके सिरदर्द पैटर्न को सक्रिय कर सकते हैं।

  1. दवाएं – किसी भी दर्द की दवा को लम्बे समय से लेते रहने के बाद जब अचानक बंद कर दिया जाता है तो सिरदर्द हो सकता है। इसे रिबाउंड या विथड्रावल (withdrawal) सिरदर्द कहा जाता है। यदि आप दर्द से छुटकारा पाने के लिए अधिक दवाएं लेते हैं, तो सिरदर्द-रीबाउंड-सिरदर्द चक्र जारी रहता है।
  2. शराब – ज़्यादा मात्रा में शराब का सेवन सिरदर्द और निर्जलीकरण का कारण बन सकता है।
  3. निकोटीन – तंबाकू उत्पादों को सिरदर्द का कारण बताया गया है। इन उत्पादों से दूर रहने से सिर दर्द में कमी आ सकती है और साथ ही संपूर्ण स्वास्थ्य में काफी सुधार हो सकता है।
  4. अपनी खाने-पीने की चीज़ों पर गौर करें – यदि आपको सिरदर्द होता है, तो उससे पहले आपने जो कुछ भी खाया और पीया हो, उसे लिखिए। यदि आप समय के साथ ऐसा ही एक पैटर्न देखते हैं, तो उन वस्तुओं से दूर रहें।
  5. नियमित रूप से खायें – भोजन में अनियमितता न बरतें।
  6. कैफीन का कम सेवन – किसी भी भोजन या पेय को बहुत ज्यादा मात्रा में लेना माइग्रेन को बढ़ा सकता है, लेकिन अचानक उन्हें खाना या पीना बंद कर देना भी इसका कारण हो सकता है। अतः धीरे धीरे कैफीन के सेवन को कम करने की कोशिश करें।
  7. नियमित और पर्याप्त नींद लें – अगर आपके सोने का कोई नियम नहीं है या आप बहुत थके हुए हैं, तो इससे माइग्रेन होने की संभावना बढ़ जाती है।
  8. अपने तनाव को कम करें – ऐसा करने के कई तरीके हैं। इसके लिए आप व्यायाम, चिंतन, प्रार्थना, अपने प्रियजनों के साथ समय बिताना और ऐसी चीज़ें कर सकते हैं, जिनसे आपको ख़ुशी मिले। यदि आप खुद को परेशान करने वाली कुछ चीज़ों को बदलना चाहते हैं, तो इसके लिए एक योजना तैयार करें।
  9. अपनी ऊर्जा बनाए रखें – नियमित रूप से खायें और अपने अंदर पानी की कमी न होने दें।

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