जन्मकुंडली के अनुसार नाम कभी नहीं रखना चाहिए, जानिए क्यों

भारत में ज्योतिष के अनुसार नामकरण किया जाता है यहनाम चंद्र राशि के अनुसार रखा जाता है कुंडली में चंद्रमा जिस राशि में उपस्थित होता है उस राशि के कुछ शब्द जो नाम का पहला- अक्षर होता है उसी अक्षर में से किसी एक अक्षर पर व्यक्ति का- नाम रख दिया जाता है इन अक्षरों की सहायता से ज्योतिष को- जानने वाला आपको बता देता है आप किस राशि के हैं राशिके आधार पर ग्रह के अनुसार दिन कैसा रहेगा इसकी गणना बहुत सारे ज्योतिष जानने वाले प्रत्येक राशि फल की भविष्य वाणी– करते हैं राशियां प्रमुख रूप से 12 प्रकार की होती है हर व्यक्ति का नाम इन 12 राशियों में से किसी राशि में उपस्थित होता है– उसी पर व्यक्ति अपना राशिफल देखते हैं.

कुछ व्यक्ति बिना जन्म कुंडली के नाम अपनी स्वेच्छा सेे लेते हैंं ऐसे व्यक्तियों की 2 राशियों हो जाती है एक होती हैैैै जन्मराशि जिसमें कुंडली के अनुसार आपका नाम अलग होगा जन्मराशि कहलाएगी दूसरी राशि उसके नाम के अनुसार उसकी नामराशि होगी ,

अर्थात ऐसे व्यक्तियों की नाम राशि और जन्मराशि अलग होती है यदि कुंडली के अनुसार नाम राजेश होना चाहिए थापर आपका नाम अमित है इस स्थिति में आपका राजेश नाम जन्म राशि के आधार पर है और अमित आपकी नामराशि के आधार पर है अब प्रश्न यह उठता है आपको किस राशि को महत्व देना चाहिए इस स्थिति में आपके जीवन का भविष्य जन्मराशि द्वारा देखना चाहिए और दैनिक फलादेश नाम राशि के अनुसार देखा जाएगा.

हमारा मुख्य प्रश्न तो यह है व्यक्ति का नाम जन्म राशि पर होना चाहिए या फिर अलग होना चाहिए तो उस का जवाब है अलग- होना चाहिए क्योंकि कभी आपकी जन्मकुंडली पर ग्रह नक्षत्रोंं- की गति आपके अनुकूल नहीं होती है ऐसी स्थिति मेंं नाम राशि के अनुसार कार्य कर सकते हैं जैसे जब विवाह में मिलान नहींं- हो पाता ऐसी स्थिति में नाम से मिलान करके विवाह हो जाता है.

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