गैस सिलेंडर के बारे में आम लोग क्या नहीं जानते ? जानिए

खाली सिलिंडर का वजन करीब 15.3 किलोग्राम होता है। इसमें 14.2 किलोग्राम गैस भरी होती है। इस तरह से कुल वजन 29.5 किलोग्राम हो जाता है। लेकिन अलग-अलग कंपनी के सिलिंडर का वजन अलग भी हो सकता है।

रेगुलेटर उसी कंपनी को होना चाहिए जिस कंपनी का सिलेंडर होता है। साथ ही इसके पास कोई भी बिजली का उपकरण नहीं रखना चाहिए।

गैस कनेक्शन लेते ही आपका मुफ्त बीमा हो जाता है। ऐसे में अगर गैस सिलेंडर से कोई हादसा होता है तो आप इंश्योरेंस क्लेम कर सकते हैं। पीड़ित परिवार को 10 लाख तक का क्लेम मिल सकता है। इस अपने अपने डिस्ट्रीब्यूटर को जानकारी दें। आपका काम हो जाएगा

गैस में लगा पाइप 1.5 मीटर से ज्यादा लंबा या इससे छोटी नहीं होनी चाहिए। इसे जरूरी है समय समय पर या पांच साल में जरूर बदल लें।पाइप खरादिते टाइम जरूर देखिये की वो पाइप कितना पुराना हे , पाइप पे तारीख लिखी होती हे। गैस पाइप अधिकृत डीलर से ख़रीदे।

रसोई गैस सिलेंडर की उम्र अधिकतम 10 साल होती है। इसलिए जरूर है कि इसकी एक्सपायरी डेट भी चैक करनी चाहिए। इसक लिए सिलेंडर पर लगी तीन पत्ती को देखें। इस पर तीसरी पत्ती पर लिखे ए-10, बी-12 या सी-15, डी-14 लिखा होता है।इसमें ए का मतलब जनवरी से मार्च , बी का मतलब अप्रैल से जून , सी का मतलब जुलाई से सितंबर व डी का मतलब अक्टूबर से दिसंबर तक होता है। वहीं इसके बाद लिखी संख्या वर्ष को दर्शाती है।

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