क्या बैटरी से करंट लग सकता है अगर हाँ तो कैसे?

जो बैटरी हम उपयोग में लेते हैं उनसे करंट नहीं लग सकता। अगर आप ये सोच रहे हैं कि क्यो……?

तो मैं हूं ना विस्तार से बताता हूं।😊😊

सबसे पहले तो करंट को समझते हैं,

करंट क्या है :- इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह की दर को ही करंट कहते हैं।

करंट कब लगता है:- करंट तब लगता है जब जब इलेक्ट्रोन के फ्लो होने का सर्किट पूर्ण होता है।(जैसे आप धरती पर खड़े है और किसी नंगें तार को छू लेते हैं जिससे इलेक्ट्रॉन आपके शरीर से होते हुए धरती के अंदर प्रवेश करते हैं इस प्रकार सर्किट पूर्ण हो जाता है)

करंट कितना होता है जब हमें करंट का अनुभव होता है:- देखिए अगर मैं वोल्टेज में बात करूं, तो 90 वोल्टेज पर हमें करंट का अनुभव होता है।(चाहे ऐसी हो या डीसी)

सामान्यतः हमारी बैटरी इतने वोल्ट की नहीं होती इसलिए हमें करंट का अनुभव नहीं होता।

अगर मैं एम्पियर की बात करूं तो 5 मिली एंपियर प्रति सैकेंड हो तो हमें करंट लगता है।

  1. mA : सहन करने योग्य है पर ज्यादा देर तक सम्पर्क में रहने से नुक्सान भी ज्यादा हो सकता है।

5 mA : थोड़ा झटका महसूस होता है। आम तौर पर इंसान झटके खा कर ही छूट जाता है। अधिक दर्द नहीं होता है शरीर को नुकसानदायक हो सकता है।

6 -16 mA : इस मात्रा का करंट काफी दर्द भरा होता है। व्यक्ति अपने शरीर पर से नियंत्रण खोने लगता है। इस स्थिति को लेट गो स्थिति कहा जाता है।

17 -99 mA : करंट कि यह मात्रा श्वसन तंत्र को बुरी तरहप्रभावित करती है। शरीर के अंग और मशल्स सिकुड़ने लगते हैं। इस स्थिति में आदमी करंट में से छूट नहीं पाता और मौत की सम्भावना अधिक हो जाती है।

100-2000 mA : यह बहुत अधिक मात्रा का करंट है जिसके कारणह्रदय अनियमित कार्य करने लगता है और धीरे धीरे सारा शरीर सिकुड़ने लगता है और म्रत्यु हो जाती है।

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