क्या आप किन्नरों के बारे में कुछ अजीब बातें बता सकते हैं?

इनका समाज और नियम अलग होते हैंं।

इनके भी ‘गुरु’ होते हैं, जिन्हें ये पूरी श्रद्धा से मानते हैं।

इनमें महिलाओं के गुण अधिक पाये जाते हैं।

इन्हें श्रृंगार करना और प्रणय(प्रेम) पसन्द होता है।

इनकी भी यौनेच्छाएँँ होती हैं।

ये सन्तानोत्पादक भी होती हैं।

इनकी दुआयें/बद्दुआएँँ असरदार होती हैं।

किसी ‘किन्नर’ के देहान्त होने पर उनकी शवयात्रा को कोई भी देख नहीं पाता है।

इनके कार्य क्षेत्र बँटे हुए होते हैं, दूसरों के क्षेत्र में ये दख़ल नहीं देते।

‘विवाह’ और ‘शिशु’ जन्म की बधाई देने और ईनाम(बख़्शीश) लेने ज़रूर आते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Do NOT follow this link or you will be banned from the site!
Translate »