किसान की समस्या : महात्मा बुद्ध की कहानी

एक बार की बात है एक किसान था जो हमेशा अपने दुखो का गान करता रहता था। उसको छोटी समस्या भी बहुत बड़ी लगती थी। वो लोगो से राय भी मांगता था की वह आगे क्या करे। इसपर गाँव के लोगो ने उसे महात्मा बुद्ध के पास जाने को कहा। उसने सोचा की महात्मा बुद्धा उसकी समस्या का निवारण कर देंगे। उसकी साड़ी समस्याएं हल कर देंगे। इस उम्मीद से वह उनके पास गया। 

महात्मा बुद्ध जी पेड़ के नीचे बैठ कर ध्यान कर रहे थे की वह किसान उनके चरणों के पास जाके बैठ गया और उनसे उनकी समस्या को हल करने की गुज़ारिश करि। इस पर महात्मा बुद्ध मुस्कुराये और उन्होंने उसको अपनी समस्या के बारे में बताने को कहा। तो किसान ने अपनी लम्बी परेशानियों का बखान करने लगा।  

किसान ने बताया ,”हे महात्मा मैं बहुत ही गरीब किसान हूँ। बड़ी मेहनत से फसल बोता हूँ पर कभी पर्याप्त वर्षा नहीं होती है इससे मैं बहुत परेशान रहता हु। मेरी पत्नी बहुत अच्छी है। मैं उससे बहुत प्रेम करता हूँ लेकिन वह कभी कभी मुझे बहुत परेशान करती है। ऐसा लगता है की वह मेरी पत्नी है ही नहीं। ” फिर वह एक के बाद एक अपनी परेशानियां बताता गया और महात्मा बुद्ध जी उसकी बात को धैर्यपूर्वक सुनते रहे। जब उसकी बात ख़तम हुई तो महात्मा जी ने बड़े आराम से ये बोला ,”इसमें कौन सी बड़ी बात है जो तुम्हे परेशान करती है। ये सभी छोटी समस्याएँ हर किसी के जीवन में होती है। इनसे भागने की बजाये इनका समाधान ढूंढ़ना ज्यादा ज़रूरी है। सबसे ज़रूरी है ‘मेरे पास बहुत सारी परेशानियां है ‘ का समाधान करना। जब तक इसका समाधान नहीं हो जाता तब तक हमे हर छोटी चीज़ परेशान करेगी। इसलिए सबसे पहले इस समस्या का समाधान कर इसे सुधार कर अच्छे चीज़ के बारे में सोचना चाहिए और ज़िन्दगी में हमेशा खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए। “

किसान की आँखें खुल गयी और वह उनसे वादा करता है की वह छोटी चीज़ो को लेकर अब परेशान नहीं रहेगा। 

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