ऐसा कौन सा जीव है जो कभी नहीं मरता? जानिए

जेलिफ़िश के बारे में तो सभी जानते ही होंगे। यह अपने ही सेल्स को बदल कर फिर से युवा अवस्था में पहुंच जाती है और यह चक्र चलता ही रहता है।

इस मछली के बारे में कहा जाता है कि यह पांच साल तक बिना कुछ खाए पीए जिंदा रह सकती है। अफ्रीका में पाई जाने वाली यह मछली सूखा पड़ने पर खुद को जमीन में दफन कर लेती है। सूखे के मौसम के दौरान जब यह जमीन के अंदर होती है तो अपने शरीर के मेटाबोलिज्म को 60 गुना तक कम कर लेती है।

टार्डीग्रेड (Tardigrade) : पानी में रहने वाला आठ पैरों वाला और 4 mm लंबा यह जीव 30 वर्षों तक बिना खाए पीए रह सकता है और इसमें अंतरिक्ष के व्योम में भी जिंदा करने की योग्यता है। यह किसी भी प्रकार के वातावरण में जिंदा रह सकता है। टार्डीग्रेड माइनस 272 डीग्री में बिना किसी परेशानी के रह सकता है और यह लगभग 150 डीग्री की गर्मी भी आराम से सह लेता है। टार्डीग्रेड पृथ्वी पर पर्वतों से लेकर गहरे महासागरों तक और वर्षावनों से लेकर अंटार्कटिका तक लगभग हर जगह रहते हैं। मानवों की तुलन में यह सैंकड़ों अधिक गुना तक जिंदा रह सकते हैं। संभवत: उससे भी ज्यादा यदि इन्हें मारा न जाए तो। यह प्राणी धरती पर लगभग 60 करोड़ साल है। इस जंतु को धरती का प्राणी नहीं माना जाता है।

अलास्कन वुड फ्रॉग (Alaskan wood frog) : यह मेंढक भी अजर अमर है। अलास्का में जब तापमान – 20°c गिर जाता है तब इस मेढक का शरीर लगभग फ्रीज हो जाता है और यह सीतनिद्रा (hibernation) में सो जाता है। तब यह लगभग 80% तक बर्फ में जम जाता है। इस दौरान उसका सांस लेना भी बंद हो जाता है। दिल की धड़कन भी बंद हो जाती है। अगर डॉक्टरी भाषा में कहें तो यह मर चुका होता है, लेकिन जब वसंत की शुरुआत होती है और इसके ऊपर से बर्फ हटती है तो इसके दिल में अचानक से इलेक्ट्रिक चार्ज उत्पन्न होता है और उसका दिल फिर से धड़कने लगता है। मतलब यह कि यह फिर से जिंदा होकर अपने काम पर लग जाता है। इसे फ्रोजन फ्रॉग भी कहते हैं।

प्लैनरियन फ्लैटवर्म (Planarian Flatworm) : यह प्राणी अजर अमर है आप इसके लगभग 200 टूकड़े कर सकते हैं। आश्चर्य की हर टूकड़े फिर से एक जीव बन जाएगा। इससे भी आश्‍चर्य की बात तो तब होती है जबकि इसके दिमाग और नर्वस सिस्टम को भी कई टूकड़ों में काट दिया जाए और यह फिर से ये सब पैदा होने लगेंगे। कुछ दिनों में पहले की तरह एक विकसित दिमाग और नर्वस सिस्टम इसके अंदर होगा।

हीड्रा या हाइड्रा (Hydra) : इसे आप बहुत सिरों वाला सांप या जलव्याल समझ सकते हैं। इसकी कभी भी प्राकृतिक मृत्यु नहीं होती। हाइड्रा अपने शरीर को अनेक भाग में विभाजित करके प्रत्येक भाग से ग्रोथ करके नए हाइड्रा में विकसित हो जाता है। देखने में यह शायद आपको ऑक्टोपस जैसा लगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »