आईआरसीओएम में हिस्से खरीदने के लिए 14 तक निविदा जमा कर सकते हैं मर्चेंट बैंकर, सरकार ने तारीख बढ़ाई है

 डिपार्टमेंट ऑफ़ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (डीपम) ने आईआरसीमेंट की 15 से 20 प्रति शेयर बिक्री के लिए पिछले महीने निविदा मंगाई थी।

 आईआरसीओएन में सरकार की 87.40% भाग

 १५ से २० प्रति भाग कम से कम सरकार कर सकती है

 केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीओटी) की भागीदारी बिक्री के लिए निविदा जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब मर्चेंट बैंक आईआरसीओटी के हिस्से खरीदने के लिए 14 सितंबर तक निविदा जमा कर सकते हैं।

 पिछले महीने मंगई निविदा थी

 डिपार्टमेंट ऑफ़ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (डीपम) ने आईआरसीमेंट की 15 से 20 प्रति शेयर बिक्री के लिए पिछले महीने निविदा मंगाई थी। इसके तहत मर्चेंट बैंकर 10 सितंबर तक निविदा जमा कर सकते थे। सरकार की योजना ऑफ़र फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए आईआरसीओटी की भागीदारी बिक्री की है। दीपम की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अब निविदा जमा करने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 14 सितंबर कर दिया गया है। दीपम केंद्र सरकार की ओर से भाग बिक्री का प्रबंधन करता है।

 आईआरसीओएन में सरकार की 87.40% भाग

 मौजूदा समय में सरकार की आईआरसीओट में 87.40 प्रति भाग है। सेबी के सार्वजनिक होल्डिंग नियमों के तहत सरकार को कंपनी में अपनी भागीदारी को भुकर 75 प्रति पर लाना है। इसके तहत ही सरकार के हिस्से की बिक्री कर रही है। अक्टूबर 2019 में आईआरसीओट शेयर बाजार में लिस्ट हुआ था। कंपनी ने आईपीओ के जरिए 645 करोड़ रुपए जुटाए थे। शुक्रवार को आईआरसीओटी के शेयर पैटई में 1374.35 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुए थे।

 रेलवे की एकमात्र आधिकारिक एंटिटी आईआरसीओएम है

 ट्रेनों में कैटरिंग सेवाएं देने, ट्रेन टिकटों की ऑनलाइन बिक्री, ट्रेनों और रेलवे स्टेशन परवेजड ड्रिंक वाटर की आपूर्ति के लिए आईआरसीएन रेलवे की एकमात्र आधिकारिक एंटिटी है। आईआरसीमेंट की भागीदारी बिक्री से सरकार को चालू वित्त वर्ष में 2.10 लाख करोड़ रुपये के अनवेश हासिल करने में भी मदद मिल सकती है।] ऋवेश के कुल लक्ष्य में से 1.20 लाख करोड़ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की भागीदारी बिक्री, अन्य 90 हजार करोड़ रुपये वित्तीय संस्थानों की भागीदारी बिक्री से जुटाए जाने हैं।

 एचएएल और बीडीएल की बिक्री से 5000 करोड़ रुपए जुटाए

 ओएफएस के जरिए सरकार हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की भागीदारी बेच चुकी है। इससे सरकार को 5000 करोड़ रुपए मिले हैं। इसके अलावा सरकार इंडियन रेलवे फाइनेंस को लिमिटेड (IRFC) का आईपीओ लाने की योजना भी बना रही है। इसके लिए सरकार ने जनवरी में ड्राफ्ट रेड हियरिंग इंजीनियरिंग प्रॉस्पैक्टस सेबी के पास जमा किया था। इस आईपीओ के जरिए सरकार 140 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है।

 पांच रेल कंपनियों की सूची है

 केंद्रीय सामान ने अप्रैल 2017 में रेलवे की पांच कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट करने की मंजूरी दी थी। इसमें से चार कंपनियां- इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड, रेव्स लिमिटेड, रेल विकास निगम लिमिटेड और आईआरसीओनेट की लिस्टिंग हो चुकी है। अब सरकार IRFC की बारी वित्त वर्ष में लिस्टिंग करना चाहती है।

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