Z+ सुरक्षा (सिक्योरिटी) में कितने कमांडो होते हैं?

जेड प्लस सुरक्षा वह सुरक्षा होती है, जो देश के प्रमुख लोगों को दी जाती है | वैसे तो सारे देश के सबसे महत्वपूर्ण नेताओं अधिकारियों और शख्सियतों को बेहतर से बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के लिए कड़े प्रबंध करके अलग-अलग स्तर की सुरक्षा दी जाती है | पूर्व प्रधानमंत्रियों और देश के सभी प्रमुख मंत्रियों के लिए आमतौर पर जेड प्लस सुरक्षा का प्रबंध किया जाता है | यह ऐसी सुरक्षा होती है, जिससे लोग बिलकुल ही निश्चित हो जाते है क्योंकि, यह सुरक्षा देश की एसपीजी के बाद दूसरी सबसे खास सुरक्षा प्रदान की जाती है |

जेड प्लस सुरक्षा प्रदान करने का फैसला केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है | केंद्र सरकार खुफिया विभागों द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर जेड प्लस और अन्य तरह की सुरक्षा वीआईपी लोगों को देने का आदेश देती है | जेड प्लस सुरक्षा दो तरह से प्रदान की जाती है | एक जेड प्लस (Z Plus) और दूसरी जेड (Z Security) सुरक्षा | आमतौर पर यह सुरक्षा केंद्र के बड़े मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों को दी जाती है| | यहाँ पर आपको जेड प्लस (z+) सुरक्षा क्या है, इसमें कितने सुरक्षाकर्मी होते हैं, सैलरी और ट्रेनिंग की सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की जा रही है |

भारत में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सरकार जेड प्लस सुरक्षा को चार श्रेणियों में विभाजित कर दिया है | जेड प्लस (Z+), जेड (Z), वाई (Y) और एक्स (X) श्रेणी में विभाजित किया गया है | इन चार श्रेणियों में किसे कौन से स्तर की सुरक्षा प्रदान करनी होती है इसका फैसला सरकार द्वारा किया जाता है | सरकार खतरे को देखते हुए यह वीआईपी सुरक्षा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद, नौकरशाह, पूर्व नौकरशाह, जज, पूर्व जज, बिजनेस मैन, क्रिकेटर, फिल्मी कलाकार, साधु-संत या आम नागरिक किसी को भी प्रदान कर सकती है |

जेड प्लस सुरक्षा में सुरक्षाकर्मी

जेड प्लस सुरक्षा में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात किये जाते है और 10 एनएसजी (National Security Guards) होते है, इसके साथ ही SPG (Special Protection Group) कमांडो भी सुरक्षा के लिए तैनात किये जाते है | इसके अलावा इसमें कुछ पुलिस भी शामिल की जाती है और इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (Indo- Tibetan Border Police) और सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) के जवान भी शामिल रहते है |

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