रात में जो भी इस मंदिर में रुका उसकी हो जाती है मौत, जानिए बड़ी वजह

आज हम बात कर रहे है मध्यप्रदेश में चित्रकूट के समीप सतना जिले में त्रिकुटा पहाड़ी पर माँ शारदा के मंदिर की जिनको लोग मैहर देवी मंदिर के नाम से भी जानते है. यहा के बारे में ऐसा माना जाता है की इस मंदिर में जो भी रुकने की कोशिश करता है उसकी मौत हो जाती है.

यह मंदिर मैहर नगरी से 5 किलोमीटर दूर त्रिकूट पर्वत पर स्थित है जहा पर माता शारदा देवी का वास है और यहाँ पर पर्वत की चोटी के मध्य में ही शारदा माता का मंदिर है.

आपको बतादें की जब माँ सती ने अपने पति भगवान शंकर को अपमानित किए जाने पर अग्नि कुंड में कूदकर अपनी प्राणाहुति दी थी तो इससे क्रोधित होकर भगवान शंकर ने सती के पार्थिव शरीर को निकाल कर कंधे पर उठा लिया था.

जब भगवान शंकर तांडव करने लगे तब ब्रह्मांड की भलाई के लिए भगवान विष्णु ने सती के शरीर को 52 भागों में विभाजित कर दिया और जहा पर भी सती के अंग गिरे वहां शक्तिपीठों का निर्माण हुआ और इस जगह के बारे में ऐसा माना जाता है की यहाँ पर माँ का हाथ गिरा था.

आपको बतादें की इस मंदिर को रोज रात को बंद कर दिया जाता है और इसके बारे में ऐसा भी कहा जाता है की इस मंदिर में हर रात को ‘आल्हा’ और ‘उदल’ नाम के दो चिरंजीवी दर्शन करने आते हैं और उस दौरान अगर कोई व्यक्ति मंदिर में रुकने की कोशिश करता है तो उसकी मौत हो जाती है.

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