स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए करे कोको बटर का इस्तमाल

कोको बटर एक प्रकार का शुद्ध फैट है, जो कि दिखने में सफेद और छूने में मुलायम होता है। इसका प्रयोग कई सदियों से चॉकलेट बनाने और ब्यूटी प्रोडक्ट के लिए किया जा रहा है। कोको बटर बनाने के लिए, एक बहुत बड़े काकाओ पेड़ (cacao plant) से बीज निकाले जाते हैं, फिर बीज को भूना जाता है और उनकी उपरी परत को हटाकर उन्हें दबाया जाता है। इस तरह बीज के अंदर का फैट अलग हो जाता है, जिसे कोको बटर कहते हैं। कोको का इस्तेमाल लगभग 3,000 वर्षों तक दवा के लिए किया गया है। कई रिसर्चर का मानना है कि कोको में मौजूद फायटोकेमिकल्स (phytochemicals) स्वास्थ्य और त्वचा के लिए बेहद बेहतरीन हैं।

कोको बटर स्ट्रेच मार्क्स को कम करता है –
स्ट्रेच मार्क्स की समस्या वेट लॉस या गर्भावस्था की वजह से शुरू होती है। गर्भावस्था के दौरान, बाद में या वेट लॉस के बाद होने वाली स्ट्रेच मार्क्स की परेशानी को ठीक करने के लिए कोको बटर बहुत ही बेहतरीन उपाय माना जाता है। कुछ उत्पाद ऐसे होते हैं जिनमें कई हानिकारक केमिकल शामिल होते हैं, लेकिन कोको बटर का इस्तेमाल गर्भावस्था के दौरान बहुत ही सुरक्षित माना जाता है।

कोको बटर एजिंग से बचाता है –
कोको बटर में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जैसे पालमिटिक एसिड (palmitic acid), ओलिक एसिड और स्टेरिक एसिड। यह बहुत ही आवश्यक फैटी एसिड हैं, लेकिन इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स के भी गुण होते हैं। कोको बटर आपको जवान बनाए रखने में मदद करता है, क्योंकि इसमें पॉलीफेनोल्स (polyphenols) होते हैं जो एजिंग के लक्षणों को और त्वचा संबंधी समस्याओं को भी कम करते हैं जैसे डर्मेटाइटिस। पॉलीफेनोल्स न सिर्फ एजिंग के लक्षण को कम करता है बल्कि त्वचा के लचीलेपन में भी सुधार करता है।

कोको बटर विटामिन और मिनरल का अच्छा स्रोत है –
कोको बटर स्वास्थ्य के लिए भी बेहद अच्छा है। इसमें कई विटामिन और खनिज होते हैं जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं। इसमें विटामिन K और विटामिन ई पाया जाता है। ध्यान दें कि कोको बटर से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए सही मात्रा में कोको बटर लें।

कोको बटर प्रतिरोधक क्षमता बढाता है –
कोको बटर में पॉलीफेनोल्स होते हैं और अगर आपको अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानी है तो आप कोको बटर ले सकते हैं। पॉलीफेनोल्स में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कि क्षतिग्रस्त डीएनए (DNA) और सूजन की समस्या से लड़ते हैं, जिसके चलते थकान और हृदय रोग जैसी स्थितियां खड़ी हो जाती है। कोको बटर का इस्तेमाल करने से हार्मोन को संतुलित करने में मदद मिलती है और इससे मस्तिष्क भी स्वस्थ रहता है। इस तरह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है।

कोको बटर बालों और नाख़ून को स्वस्थ रखता है –
कोको बटर कोको बीन्स से लिया जाता है, जो कि सल्फर का बहुत अच्छा स्रोत है। डाइट में सल्फर शामिल होने से आपकी रंगत में सुधार आता है, बाल चमकदार होते हैं और नाखून स्वस्थ होते हैं। कोको बटर का इस्तेमाल बालों और नाखून के इलाज के लिए भी किया जाता है। यह रूखी त्वचा को मॉइस्चर देने में मदद करता है।

कोको बटर सनबर्न का इलाज करता है –
अगर त्वचा काफी ज्यादा सूरज के सम्पर्क में रहती है तो सूरज की पराबैंगनी किरणों के कारण उम्र से पहले एजिंग की समस्या और त्वचा संबंधी अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती है। कोको बटर सनबर्न का इलाज करने का बहुत अच्छा तरीका है। इसके अलावा अगर आपको त्वचा के किसी क्षेत्र में जलन होती है तो कोको बटर लगाने से काफी राहत महसूस होगी। इस बात का भी ध्यान रखें कि आपको अपनी त्वचा पर केमिकल युक्त कोको बटर का इस्तेमाल नहीं करना है क्योंकि इससे आपकी त्वचा पर अन्य समस्याएं हो सकती है। कोको बटर रैशेस के लिए भी बहुत अच्छा प्राकृतिक उपाय है।

कोको बटर दांतों को स्वस्थ रखता है –
आयल पुलिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल काफी समय से शरीर से विषाक्त पदार्थों को साफ करने के लिए किया जा रहा है। आयल पुलिंग मुंह के विषाक्त पदार्थों को साफ करने में भी मदद कर सकता है। आयल पुल्लिंग के लिए आप कोको बटर का इस्तेमाल करें। दो छोटे चम्मच कोको बटर को पिघलाएं और फिर सुबह सबसे पहले मुंह में कोको बटर रखकर कुल्ला करें। इससे आपका शरीर और दांत दोनों ही स्वस्थ रहेंगे।

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