इस एक्सरसाइज से कम होगी पेट पर जमा चर्बी

आज फिटनेस को लेकर कुछ हद तक लोगों में सजगता आई है। यहां उम्र की ना कोई सीमा और ना कोई पड़ाव। हमारे देश में शहरी क्षेत्रों के अंदर जगह-जगह जिम खुले हैं, जहां सुबह और शाम के वक्त सैकड़ों की संख्या में लोग व्यायाम करने आते हैं और इसके जरिए सेहतमंद व फिट रहने की कोशिश करते हैं।

इसमें एक तबका (35 से 50 साल की उम्र के व्यक्ति) वह है जो वजन कम करने और सिर्फ स्वस्थ जीवन की मनोकामना को समटे कड़ी मेहनत करते हैं, जबकि एक वर्ग (युवा वर्ग/18 से 30 की उम्र) ऐसा है जो फिटनेस के साथ-साथ एक परफेक्ट बॉडी शेप (शरीर का बेहतर आकार) चाहता है।

शायद इसी वजह से कई युवा सिक्स पैक एब्स बनाने की जुगत में लगे हैं, लेकिन इस कोशिश में कुछ पास होते हैं और ज्यादातर फेल। वह इसलिए, क्योंकि कड़े अभ्यास के बावजूद व्यायाम को बेहतर तरीके से नहीं किया। मगर मायूस होने की जरूरत नहीं है। अगर आप भी अपने पेट की चर्बी को कम करना चाहते हैं, तो यह एक विकल्प है, जो आपकी इस इच्छा को पूरा कर सकता है। कैसे आइए जानते हैं –

प्लैंकिंग से कम होगी पेट की चर्बी
प्लैंकिंग एक ऐसी एक्सरसाइज है, जिसके लिए आपको जिम जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि इसे आप घर पर भी कर सकते हैं। लंदन में एक जिम (स्टूडियोज़ वन रेबेल) ट्रेनर विक्की सॉयर बताती हैं कि फिट रहने और पेट कम होने के कई गैर-सौंदर्य लाभ हैं।

सॉयर बताती हैं कि प्लैंकिंग से पीठ, छाती और कोर (पेट वाला हिस्सा) मजबूत होते हैं, जिससे शरीर एक बेहतरीन शेप (आकार) में आता है। इस व्यायाम के जरिए जिन लोगों के कंधे नीचे की ओर झुके होते हैं वह ठीक आकार में आ जाते हैं। इसके अलावा कूबड़ जैसी समस्या से भी निजात मिलती सकती है। अगर आपका कोर मजबूत होगा तो चोट लगने की आशंका कम होगी। कोर की मजबूती के चलते आप बेहतर तरीके से वर्कआउट कर पाते हैं।

हाथ और गर्दन के लिए बेहतर है प्लैंकिंग
प्लैंकिंग के जरिए आप कोर (सीने के नीचे से लेकर कमर से ऊपर का हिस्सा यानि एब्स), पीठ और छाती को ही मजबूत बनाने में मदद नहीं मिलती, बल्कि इसके जरिए आपकी गर्दन, कंधे और हाथ (भुजा या बाहें) को भी अलग प्रकार की मजबूती मिलती है। इस व्यायाम के दौरान आपको अपने शरीर के वजन को रोकना पड़ता है। प्लैंक, आपकी डेली रुटीन में होने वाली गतिविधियों से भी जुड़ा है, खासकर जब आप अपने कंधों पर भारी बैग ले जाते हैं।

हर दिन, एक मिनट
अनुभव के आधार सॉयर बताती हैं कि उन्होंने 30 दिनों के अंदर हर दिन, एक मिनट तक प्लैंक (हाथों के बल पर शरीर के वजन को रोकना) करने का फैसला किया, लेकिन इस दौरान प्लैंक करने का कोई समय निर्धारित नहीं था, लेकिन वह प्लैंकिंग को कहीं गलत तरीके से ना करें। इसके लिए उन्होंने एक्सपर्ट की देखरेख में इस एक्सरसाइज को किया।

प्लैंकिंग के दौरान ना करें ये गलती
दरअसल, प्लैंकिंग के दौरान गलती की गुंजाइज होती है और देखा गया है कि प्लैंकिंग के समय कुछ लोग अपने कंधों को अंदर की ओर झुका लेते हैं। इसलिए अगर आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपकी प्लैंकिंग तकनीकी रूप से सही हो तो इसके लिए कई बेहतर विकल्प अपनाए जा सकते हैं। जैसे –

थर्ड स्पेस लंदन में ट्रेनर कैट मैक्से के मुताबिक प्लैंकिंग शुरू करने के लिए सबसे पहले फर्श पर लेट जाएं।
अपनी कोहनी (दोनों हाथ की कोहनी) को कंधों के नीचे ले जाएं और अपने दोनों हाथों की मुठ्ठी बनाकर फोरआर्म्स (बांह की कलाई) को फर्श पर सीधा करें।
अपनी एड़ी को ऊपर रखते हुए पैर की उंगलियों को नीचे की ओर खींचे
अपने कूल्हों को जमीन से ऊपर की ओर उठाएं और आपके ग्लूट्स (कूल्हों के ऊपर वाला भाग) पीठ की सीधी लाइन (ना ही नीचे हो और ना ही ऊपर की ओर हो) में होने चाहिए।

प्लैंकिंग के समय सावधानी जरूर बरतें

मांसपेशियां में दर्द – प्लैंकिंग के समय थोड़ी सी लापरवाही से मसल्स ब्रेक हो सकती हैं, जिससे दर्द तो होगा ही। साथ ही सूजन भी हो सकती है। वहीं, ज्यादा गंभीर स्थिति में इंफेक्शन भी हो सकता है।
जोड़ो में दर्द – डॉक्टर के मुताबिक प्लैंकिंग के समय गलती होने पर ज्वाइंट (हड्डियों में जोड़) के अपनी जगह से खिसकने की आशंका होती है।
नसों में खिचाव – नसों में जरूरत से ज्यादा खिचाव होना, नसों में कमजोर हो सकती है, जिससे असहनीय दर्द होता है जो अचानक हो सकता है।

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