गर्भावस्था के दौरान अनिद्रा से राहत दिला सकते हैं ये आसान उपाय

गर्भावस्था के दौरान दिन भर थका हुआ और सुस्त महसूस करना सामान्य है। इन नौ महीनों के दौरान एक समय ऐसा भी होता है जब रात भर नींद न आने की शिकायत हो जाती है, जिसे प्रेग्नेंसी के दौरान इंसोम्निया होना कहते हैं।

मेडिटेशन के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह अच्छी नींद को बढ़ावा देने के साथ ही हेल्दी लिविंग में सपोर्ट करते हैं। यह प्रेग्नेंसी के दौरान इंसोम्निया होने पर तनाव को कम करने, एकाग्रता में सुधार और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी सहायक होता है। जिससे अच्छी नींद आती है।

प्रेग्नेंसी के दौरान इंसोम्निया में डायटरी सप्लिमेंट्स राहत प्रदान करते हैं, लेकिन गर्भवती महिला को इस दौरान डॉक्टर से बात किए बिना डायटरी सप्लिमेंट्स का उपयोग नहीं करना चाहिए। हालांकि प्रेग्नेंसी के दौरान इंसोम्निया होने पर नींद पूरी करने में हर्बल और डायटरी सप्लिमेंट्स मदद कर सकते हैं। अनिद्रा में स्वाभाविक रूप से होने वाले हॉर्मोन मेलाटोनिन की खुराक भी मदद कर सकती है।

प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ने के कारण गर्भावस्था में शारीरिक कामों को करने के लिए खुद को सक्रिय रखना मुश्किल हो जाता है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान व्यायाम या फिजिकल एक्टिविटी करने के कई फायदे हैं। इसमें शामिल हैं।

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