चमगादड़ के शरीर में घर की तरह रहता है वायरस, जानिए पूरा सच

हाल ही में एक रिसर्च प्रकाशित हुआ है। इस रिसर्च में पहली बार यह देखा गया कि कीट खाने वाले एक भूरे रंग के चमगादड़ की कोशिकाओं में एक महीने से अधिक समय से MERS कोरोनो वायरस मौजूद था, लेकिन चमगादड़ को इससे कोई परेशानी नहीं हो रही थी।

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रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि चमगादड़ के शरीर में वायरस इस प्रकार रह रहा था, जैसे चमगदाड़े के शरीर ने वायरस को स्वीकार कर लिया है और एक दूसरे के लिए अनुकूल है।”

कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर चमगादड़ के शरीर में क्या बदलाव होते हैं। रिसर्च के बाद पता चला कि जब वायरस किसी चमगादड़ के शरीर में प्रवेश करता है, तो उसकी रोग प्रतिरक्षा प्रणाली में बदलाव होने लगती है और इससे रोग प्रतिरक्षा प्रणाली नाकाम होने लगती है। इसी कारण से वायरस को प्रजनन करने में मदद मिलती है।

“रिसर्च से यह भी पता चला है कि जब कोई चमगादड़ MERS वायरस के संपर्क में आता है, तो उसकी कोशिकाएं वायरस के अनुकूल हो जाती हैं। इससे चमगादड़ के शरीर में सूजन नहीं होती, बल्कि इसके विपरीत एक प्राकृतिक रूप से एंटीवायरल बनने लगती है। यही एंटीवायरल प्रतिक्रिया मनुष्यों में नहीं बनती है, जिससे लोगों को बीमारी होने लगती है। इसके अलावा यह भी पता चला है कि MERS वायरस एक विशेष जीन को बहुत तेजी से बदल देता है और बैट होस्ट की कोशिकाओं में भी प्रवेश करता है।”

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