वैज्ञानिकों ने पाया ये जड़ी बूटी बढ़ा सकती है शुक्राणु और टेस्टोस्टेरोन, जानिए आप भी

आयुर्वेदिक औषधि शिलाजीत में बुढ़ापा को रोकने और जवान बनाए रखने के गुण होते हैं। साथ ही यह पुरूषों में हार्मोन्स को संतुलित भी करता है। भारत के “जे.बी.रॉय स्टेट आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल” के एक शोध में बांझ पुरूषों को शिलाजीत सेवन करने के लिए दिया गया। सेवन करने के बाद उनमें प्रजनन क्षमता और टेस्टोस्टेरोन दोनों के स्तर में पहले के अपेक्षा सुधार पाया गया। (टेस्टोस्टेरोन, एक प्रकार का नर-सेक्स हार्मोन और एनाबोलिक स्टीरॉएड होता है, जो पुरुषों में यौन लक्षणों के विकास को बढ़ावा देता है)

शिलाजीत के बारे में

शीलाजीत हिमालय की पहाड़यों में पाया जाता है। ये एक तरह का प्राकृतिक पदार्थ है, जिसमें हयूमिक एसिड होता है। और इसका आणविक वजन भी कम होता है इसके अलावा शिलाजीत में फुलवीक एसिड भी बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है।

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धिति में इसे रसायन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वदिक चिकित्सा में रसायन का अर्थ है एक पदार्थ जो नवयौवन प्रदान करने का काम करता है। भारत में शिलाजीत का इस्तेमाल कामेच्छा बढ़ाने के उपाय और प्रजनन क्षमता बढ़ाने के पूरक के रूप में किया जाता है। इस पूरक को बनाने वाली कंपनियों का दावा है कि फुलवीक एसिड शरीर से भारी धातुओं को साफ कर सकता है।

शिलाजीत और पुरुष बांझपन पर वैज्ञानिक शोध

शोधकर्ता इस बात को जानने के लिए उत्सुक थे कि शिलाजीत के गुण प्रजनन क्षमता बढ़ाने में लाभदायक हैं या नहीं। उन्होंने 30 से 40 वर्ष के 28 बांझ पुरूषों को, जिनमें शुक्राणुओं की संख्या कम थी, उनको 200 ग्राम शुद्ध शिलाजीत 90 दिन तक खाने के लिए दिया। 200 ग्राम शिलाजीत की खुराक को दिन में दो बार भोजन करने के बाद उन 28 पुरूषों द्वारा लिया गया।

शोध का परिणाम

शोध में पाया गया कि शिलाजीत के सेवन के दौरान उन परुषों में शुक्राणुओं की संख्या पहले की तुलना में अधिक थी। साथ ही कोशिकाएं पहले से अधिक गतिशील और स्वस्थ थी। इसके अलावा ऑक्सीडेटिव तनाव कम हो गया और टेस्टोस्टेरोन का स्तर 23.5% बढ़ गया।

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि शिलाजीत अंडकोष को मुक्त कणों (free radicals; यह शरीर में कुछ ऐसे असामन्य कण होते हैं जो अपने आस-पास के कणों को क्षति पहुंचते हैं) से हुए नुकसान को कम करता है, जिसके कारण टेस्टोस्टेरोन और शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि देखी गयी।

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