भारत में लॉकडान के कारण कोविड-19 मरीजों की संख्या में कमी

भारत में अभी लॉकडाउन लागू है। विश्व की बड़ी आबादी वाले देश भारत के लोगों को घर में रहने और सोशल डिस्टेसिंग अपनाने की सलाह दी गई है। लॉकडाउन का मुख्य मकसद लोगों को लोगों से दूर रखना है, ताकि संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में न फैले और सामुदियक स्तर पर कोरोना वायरस का फैलाव न हो।

इससे कोविड-19 मरीजों की संख्या में कमी आएगी। हालांकि लॉकडाउन के असर के बारे में अभी आंकलन करना जल्दीबाजी होगी, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों की संख्या को कम करने के लिए ऐसा करना जरूरी है।

कोविड-19 से संक्रमण के बाद मरीजों को सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानियां होती हैं। देखा जाए तो यह एक आम समस्या है। आमतौर पर भारतीय लोग इस तरह की बीमारियों को अधिक गंभीर नहीं समझते और इसके लिए खुद से दवा खरीदकर खा लेते हैं।

ऐसी स्थिति में लोगों के पास जब तक यह व्यवस्था नहीं होगी कि खुद अपनी जांच कर सके, तब तक कोविड-19 मरीजों की संख्या का पता लगाना बहुत ही मुश्किल है। सबसे पहले लोगों के लिए सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए और इसमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह सुविधा क्षेत्रीय भाषा में हो, ताकि अधिक से अधिक लोगों को मदद मिल सके।

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