जानिए वृद्धावस्था में क्यों आती है शरीर से गंध?

दरअसल उम्र के साथ केमिकल ब्रेक डाउन होता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि त्वचा की गंध का मुख्य कारण कम्पाउंड और बैक्टीरिया हैं। स्मेल के लिए प्रमुख रूप से 2-नॉनेनल कम्पाउंड जिम्मेदार माना जा सकता है। वैज्ञानिकों ने 40 से ज्यादा उम्र के लोगों में ही इसका पता लगाया है। हालांकि फिर भी यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि उम्र के साथ शरीर की गंध कैसे बदल जाती है। जबकि 2-नॉनेनल एक संभावित कारण की तरह लगता है ,पर इसकी बहुत अधिक भूमिका नहीं है।

क्या यह नार्मल है ?
शरीर से गंध आना किसी को भी अच्छा नहीं लगता लेकिन, इसमें कोई बुरी बात नहीं है। ऐसा बढ़ती उम्र के कारण होता है। जैसे नवजात शिशु से व्यस्क होने तक हमारे शरीर में बहुत कुछ बदलता है ठीक वैसे ही व्यस्क से वृद्धावस्था तक भी शरीर में बहुत सारे परिवर्तन होते हैं। इसलिए अगर स्मेल बहुत ज्यादा नहीं है तो परेशान न हो।

शरीर की गंध को दूर करने के उपाय

पानी ज्यादा पिएं क्योंकि जब शरीर में पानी की कमी होती है तो शरीर से निकलने वाले सारे पदार्थ ज्यादा कॉन्सेंट्रेटेड रहते हैं।

सूती कपड़े पहनें ताकि आपकी त्वचा आसानी से सांस ले सके।

कपड़े और बिस्तर को नियमित रूप से धोना सुनिश्चित करें।

नॉनवेज और शराब के सेवन को कम करते हुए भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल और सब्जियां खाने से शरीर की स्मेल को कम करने में मदद मिलती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »