जानिए गर्भावस्था के लक्षण के बारे में डॉक्टर का क्या है मानना?

कई बार किसी महिला को पीरियड्स न आने की स्थिति में भी पेट में ऐंठन होती है। उन्हें पेट फूलने की भी शिकायत हो जाती है। यह गर्भाधारण के समय हॉर्मोन में बदलाव के कारण होता है। इसका कारण यह है कि गर्भावस्था की शुरुआत होने पर शरीर प्रोजेस्ट्रॉन रिलीज करता है। यह महिलाओं में डाइजेशन सिस्टम को कमजोर करता है।

सुबह अचानक पार्टनर जागती है और उल्टी करती है या जी मिचलाने की बात कहती है तो ऐसे में घबराइए नहीं, बल्कि खुश हो जाइए क्योंकि यह प्रेग्नेंसी के लक्षण हो सकते हैं। हालांकि यह लक्षण महिलाओं के शरीर के अनुसार अलग हो सकते हैं। बहुत सी महिलाएं प्रेग्नेंसी के लक्षणों में उल्टी या जी-मिचलाने की समस्या महसूस नहीं करती।

बार-बार पेशाब जाने की आवश्यकता महसूस होना भी है गर्भावस्था के लक्षण:
पेशाब का बार-बार आना भी गर्भावस्था के लक्षण में महत्वपूर्ण माना जाता है। देखा जाता है कि यह समस्या प्रेग्नेंसी में फर्स्ट ट्राइमेस्टर के छठे सप्ताह से और भी बढ़ जाती है। इसका कारण यह है कि इस दौरान शरीर में बन रहे हॉर्मोंस में बदलाव से किडनी में ब्लड सर्क्युलेशन बढ़ जाता है।

महिला के ब्रेस्ट में भारीपन या हल्का दर्द होना भी गर्भावस्था के लक्षण हैं। प्रेग्नेंसी के छठे हफ्ते तक स्तन ज्यादा सेंसिटिव हो जाते हैं। अगर आपको स्तन की त्वचा की नसें नीली व साफ दिखाई दें और निप्पल गहरे काले रंग के होने लगें तो ये प्रेग्नेंसी के लक्षण हो सकते हैं। क्योंकि गर्भावस्था के हॉर्मोन ब्रेस्ट के अंदर ब्लड-सर्क्युलेशन बढ़ाते हैं, इसलिए निप्पल के आसपास सेंसेशन भी महसूस हो सकता है।

मेटैलिक टेस्ट महसूस करना :
कई महिलाएं गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों के रूप में मेटैलिक टेस्ट महसूस करती हैं। कभी-कभी कुछ महिलाएं पहली तिमाही के दौरान इससे छुटकारा पा लेती हैं, लेकिन कुछ महिलाओं में यह पूरे गर्भावस्था के दौरान रहता है।

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