जानिए इम्यूनिटी कमजोर होने के लक्षण

कमजोर इम्यून सिस्टम का सबसे पहला और मूलभूत संकेत या लक्षण यही है कि वह व्यक्ति किसी भी तरह के इंफेक्शन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होगा। जिन लोगों की इम्यूनिटी या रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उन्हें दूसरों की तुलना में इंफेक्शन और बीमारियां होने का खतरा काफी अधिक होता है और वह भी गंभीर इंफेक्शन जिसका इलाज मुश्किल होता है। इतना ही नहीं, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को तो ऐसा इंफेक्शन भी होने का खतरा रहता है जो मजबूत इम्यून सिस्टम वाले लोगों को कभी नहीं हो सकता।

कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को आमतौर पर जिस तरह का इंफेक्शन होने का खतरा रहता है, वे हैं:

निमोनिया
मेनिनजाइटिस
ब्रॉन्काइटिस
स्किन इंफेक्शन
कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्ति में इस तरह के इंफेक्शन्स की बार-बार पुनरावृत्ति होती रहती है। इसके अलावा कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में ये समस्याएं भी हो सकती हैं:

स्वप्रतिरक्षित रोग (ऑटोइम्यून बीमारियां)
आंतरिक अंगों में इन्फ्लेमेशन (सूजन और जलन)
खून से जुड़ी बीमारियां या अनियमितता जैसे- एनीमिया
पाचन से जुड़ी बीमारियां जैसे- भूख न लगना, डायरिया, पेट में ऐंठन आदि
नवजात शिशु और बच्चों में विकास से जुड़ी देरी और समस्याएं
इन लक्षणों के अलावा कुछ वॉर्निंग साइन्स भी हैं जिससे यह पता चलता है कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो गया है :

स्ट्रेस का लेवल बहुत अधिक
अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन की रिपोर्ट की मानें तो अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक स्ट्रेस या तनाव में रहता है तो इससे उसका इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि तनाव, शरीर के लिम्फोसाइट्स (सफेद रक्त कोशिकाएं) को कम कर देता है जो इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं। व्यक्ति का लिम्फोसाइट लेवल जितना कम होगा उसे इंफेक्शन और बीमारियां होने का खतरा उतना ही अधिक होगा।

अगर हर वक्त जुकाम रहता हो
एक सामान्य वयस्क व्यक्ति को साल में 2 से 3 बार सर्दी-जुकाम होना, नाक बहना, छींक आते रहना बेहद सामान्य सी बात है और ज्यादातर लोग 7 से 10 दिन में पूरी तरह से ठीक भी हो जाते हैं। लेकिन अगर आपको बार-बार नियमित रूप से सर्दी-जुकाम की समस्या रहती है और बिना दवा लिए यह समस्या ठीक नहीं होती तो यह इस बात का संकेत है कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है।

पेट से जुड़ी समस्याएं
अगर किसी व्यक्ति को नियमित रूप से डायरिया, पेट में गैस या कब्ज की दिक्कत रहती हो तो यह भी कमजोर या अक्षम इम्यून सिस्टम का संकेत हो सकता है। रिसर्च की मानें तो हमारा 70 प्रतिशत इम्यून सिस्टम पाचन तंत्र में स्थित होता है। ऐसे में पाचन तंत्र में मौजूद गुड बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीव आंत (गट) को इंफेक्शन से बचाकर रखने में मदद करते हैं।

घाव भरने में लगता है अधिक समय
जैसे ही आपको चोट लगती है, खरोंच आती है या जलने की वजह से घाव होता है तो आपकी स्किन तुरंत डैमेज कंट्रोल करने में लग जाती है। घाव के भरने की यह पूरी प्रक्रिया इम्यून सिस्टम की स्वस्थ कोशिकाओं पर निर्भर करती है। लेकिन अगर आपका इम्यून सिस्टम कमजोर होगा तो आपकी स्किन नई स्किन नहीं बना पाएगी और घाव को भरने में अधिक समय लगेगा।

हर वक्त थकान महसूस होती है
अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपको हर वक्त थकान और शरीर में खिंचाव महसूस होता रहता है तो यह भी कमजोर इम्यून सिस्टम का एक वॉर्निंग साइन हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आपका इम्यून सिस्टम काम को लेकर संघर्ष कर रहा होता है तो शरीर की ऊर्जा का लेवल भी कम हो जाता है।

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