जानिए बेंट ओवर रो एक्सरसाइज करने का सही तरीका

‘पुशिंग ‘और ‘पुलिंग’ व्यायाम की दो ऐसी तकनीक हैं, जिनसे शरीर की विभिन्न मांसपेशियों को लक्षित करके उनका व्यायाम किया जाता है। पुशिंग के ज्यादातर व्यायामों का प्रभाव शरीर के सामने की मांसपेशियों जैसे छाती, कंधों के साथ-साथ ट्राइसेप्स पर होता है। वहीं दूसरी ओर पुलिंग से संबंधित सभी व्यायाम शरीर के पिछले हिस्सों को विकसित करते हैं। इसमें पीछे की सभी मांसपेशियों के साथ-साथ बाइसेप्स भी शामिल होते हैं। चूंकि, शरीर के पीछे की मांसपेशियां हमें दिखाई नहीं देती हैं ऐसे में ज्यादातर लोग इन व्यायामों को नजरअंदाज कर देते है। हालांकि, यहां ध्यान देना जरूरी है कि इस तरह के व्यायाम शरीर के समग्र विकास के लिए बहुत आवश्यक होते हैं। एक अन्य दृष्टिकोण से देखें तो अगर आपके पीठ की मांसपेशियां विकसित और सुडौल हैं तो आपके कपड़ों की फिटिंग अच्छी आती है, जिसका प्रभाव आपके व्यक्तित्व पर पड़ता है।

पीठ की मांसपेशियों को बेहतर आकार देने और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने का एक ऐसा ही व्यायाम है- बेंट-ओवर रो व्यायाम। नियमित रूप और सही तकनीक के साथ इस व्यायाम को करने से पीठ को ‘वी आकार’ दिया जा सकता है, जिसकी चाहत हर एथलीट को होती है। पीठ की मांसपेशियां आपके हाथों को ठीक से कार्य करने में भी मदद करती हैं। रीढ़ के दोनों ओर की विंग मांसपेशियों का उपयोग करते हुए हाथों को फैलाने, किसी चीज को उठाने या खींचने में मदद मिलती है।

इस अभ्यास के दौरान शरीर को स्थिर रखते हुए पीठ और बाजुओं को प्रयोग में लाया जाता है। यह भी कहा जाता है कि आप पुलिंग और पुशिंग दोनों ही व्यायामों को एक समान मात्रा में करें, जिससे शरीर के आगे और पीछे की मांसपेशियों में संतुलन बना रहे।

बेंट ओवर रो एक्सरसाइज के फायदे –
बेंट-ओवर रो जैसे अभ्यास से पीठ और कंधों से संबंधित अधिकतर मांसपेशियों के समूहों का व्यायाम हो जाता है। ऊपर की ओर वजन उठाने वाले व्यायामों से आपकी बाहों और धड़ को मजबूती मिलती है, जिससे कार्यात्मक शक्ति में सुधार आता है। इस अभ्यास को करने के लिए बारबेल या डम्बल दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बेंट-ओवर रो अभ्यास करने से निम्नलिखित फायदे होते हैं।

शरीर के ऊपरी हिस्से को शक्ति मिलती है।
पुल-अप और लैट पुलडाउन वर्कआउट करना आसान होता है।
शारीरिक स्थिरता और हाथों की ग्रिप अच्छी बनती है।
शारीरिक मुद्रा में सुधार होता है, इसके साथ पीठ दर्द जैसी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।

बेंट ओवर रो एक्सरसाइज करने का सही तरीका –
इस अभ्यास के लिए आपको ऐसी स्थिति बनानी होती है, जहां आपकी पीठ जमीन के लगभग समानान्तर स्थिति में हो। व्यायाम के दौरान लगने वाली चोट से बचने के लिए सबसे पहले वार्मअप और पीठ के लिए किए जाने वाले हल्के व्यायाम कर लें। चेस्ट एक्सपेंशन, पुल-अप, चिन-अप, पुश-अप और आर्म रोटेशन जैसे कुछ ऐसे व्यायाम हैं जो पीठ की मांसपेशियों को सक्रिय करने और उनकी स्ट्रेचिंग में काफी फायदेमंद होते हैं।

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