जानिए एचआईआईटी वर्कआउट करने का सही तरीका

हाई-इंटेंसिटी (उच्च तीव्रता) इंटरवल ट्रेनिंग को एचआईआईटी (हिट) भी कहा जाता है। ज्यादातर लोग हाई इंटेंसिटी ट्रेनिंग को अपने व्यायाम में शामिल कर लेते हैं वो भी बिना कोई ब्रेक लिए, जिसके कारण शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की पुष्टि के लिए कई शोध हो चुके हैं।

लोगों की मान्यता है कि “हिट” केवल एक प्रकार का वर्कआउट स्टाइल है, जबकि इसमें कई प्रकार के इंटेंस व्यायाम शामिल हैं, जिनमें ज्यादातर कम समय में किए जाने वाले हैं। इसमें बीच-बीच में छोटे ब्रेक या अंतराल लिए जाते हैं। हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग बॉडीबिल्डिंग से काफी अलग होतती है। ऐसा इसलिए क्योंकि बॉडीबिल्डिंग में मांसपेशियों के केवल एक समूह को इंटेंसिटी के साथ ट्रेन किया जाता है, ताकि शरीर में ऊर्जा बचाई जा सके।

इसके विपरीत हिट में शरीर की कई मांसपेशियों के समूह को ट्रेन किया जाता है, जिसमें ऊर्जा भी अधिक लगती है। हिट एक हृदय संबंधी व्यायाम है जो बेहद ऊर्जा के साथ किया जाता है। इससे आप उतनी कैलोरी बर्न कर सकते हैं, जितनी कि एक लंबे समय तक चलने वाले वर्कआउट से कर पाते हैं।

एचआईआईटी के लिए जरूरी उपकरण

एचआईआईटी के अधिकतर व्यायामों में किसी प्रकार के उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन कुछ टारगेटेड वर्कआउट के लिए वेट्स, ट्रेडमिल, इलिप्टिकल ट्रेनर्स या बायसाइकिल की जरूरत पड़ सकती है। एचआईआईटी में अधिक तीव्रता वाले व्यायामों को जल्द ही शुरू न करने की सलाह दी जाती है। इसकी बजाए कठिन व्यायामों की ओर बढ़ने से पहले एंड्यूरेंस और स्टैमिना बढ़ा लेना चाहिए।

कैसे करें

एचआईआईटी वर्कआउट का मूल सिद्धांत है छोटे ब्रेक्स के साथ कम समय में कठिन अभ्यास करना। वर्कआउट के दौरान तीव्रता बढ़ाने की बजाए आपको सही तरीके से व्यायाम और उसके सेट पूरे करने चाहिए। व्यायाम शुरू करने से पहले स्ट्रेचिंग या वार्म-अप जरूर कर लें।

एचआईआईटी वर्कआउट में शामिल करने के लिए कई प्रकार के व्यायाम हैं। अगर आप पहले से ही पार्क या जिम में वर्कआउट करते आ रहे हैं तो अपने रूटीन में इंटरवल्स के साथ इंटेंसिटी बढ़ा लें।
अगर आप ट्रेडमिल पर भागते हैं तो एक ही गति में 30 मिनट के लिए भागने की बजाए 20 से 40 सेकेंड के लिए सबसे तेज गति के साथ भागें और फिर कुछ समय के लिए गति को कम कर लें। जैसे-जैसे आपको वर्कआउट की आदत पड़ने लगेगी वैसे-वैसे व्यायाम की तीव्रता को बढ़ाते रहें और बीच-बीच में ब्रेक लेने के समय को कम करते रहें।
अगर आपको बॉडी वेट वर्कआउट जैसे पुश-अप और स्क्वाट्स करना पसंद है तो उनकी तीव्रता को बढ़ाएं और स्ट्रेंथ व स्टैमिना को बढ़ाने के लिए बीच-बीच में आराम करते रहें। जिन्हें वजन उठाकर वर्कआउट करने की आदत है, वह भी अपने व्यायाम को बेहतर बनाने के लिए एचआईआईटी वर्कआउट को अपना सकते हैं। ऐसा करने के लिए अपने व्यायाम को 20 से 30 मिनट में पूरा करने की कोशिश करें।
एचआईआईटी व्यायाम को करने के कई तरीके हैं, जिन्हें कई लोगों द्वारा बताया गया है। जैसे कि सेबस्टियन कोए को ओलिम्पिक में गोल्ड मेडल हासिल करने में उनके पिता पीटर कोए के नियमों ने मदद की और वहीं दूसरी ओर जपानी प्रोफेसर इज़ुमी तबता ने अपना खुद का एचआईआईटी का वर्जन पेश किया और उसे ओलिम्पिक स्पीडस्कैटर्स में प्रदर्शित किया था।
तभी से तबाता ट्रेनिंग का नाम पड़ा। इसमें कम समय तक व्यायाम करने के साथ आराम को आधा कर दिया जाता है और वांछित परिणाम पाने के लिए इसे कई बार दोहराते हैं। इस प्रक्रिया को दुनियाभर के कई ट्रेनर और चिकित्सकों द्वारा अपनाया जा चुका है।

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