जानिए बच्चों में कब्ज होने के कारण

डॉक्टर बिरजदार ने कहा, ‘छह महीने तक शिशु मां के दूध पर निर्भर रहते हैं। अत्यधिक दूध पीना भी कब्ज का एक कारण होता है। छह महीने की अवधि पूरा करने के बाद शिशु को अन्य सॉलिड फूड या खाना ना खिलाने से कब्ज हो सकता है। दूध में कैल्शियम होता है। कैल्शियम जैसे पोषक तत्व का अधिक मात्रा में शिशु की बॉडी में जाने से स्टूल सख्त हो जाता है।’

उन्होंने बताया कि शिशु एवं बच्चों की बॉडी में पानी की कमी से स्टूल टाइट हो सकता है, जिससे कब्ज की समस्या पैदा हो सकती है। इसके अतिरिक्त, बच्चों को डायट में फल और सब्जियां ना देने से भी कब्ज हो सकता है क्योंकि, फल और सब्जियों में फाइबर होता है, जो स्टूल को मुलायम बनाने का कार्य करता है। इसके अलावा, बच्चों का सिर्फ नॉनवेज डायट पर निर्भर रहना भी कब्ज का कारण बनता है।

डॉक्टर बिरजदार के मुताबिक, ‘इन सभी कारणों के अलावा बच्चे की इंटेस्टाइन में सर्जिकल दिक्कत होना, जो इंटेस्टाइन के कार्य में अवरोध पैदा करती है। स्टूल पास करने वाले एरिया में इंजरी या सफाई करते वक्त उसे रगड़ने से उस हिस्से को नुकसान पहुंचता है। इसकी वजह से वहां दर्द पैदा होता है और बच्चा कई दिनों तक स्टूल को रोके रखता है।’

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