जानिए वर्किंग मदर्स की समस्याएं

दुनिया भर की रिसर्च से पता चलता है कि वर्किंग मदर्स के तनाव का स्तर उन महिलाओं की तुलना से अधिक है जो अपना सारा समय या तो बच्चों की देखरेख या कामकाज के लिए समर्पित करती हैं। घर और करियर को संभालना और लगातार मल्टीटास्किंग करना उनके शरीर और दिमाग के लिए हानिकारक हो सकता है।

ज्यादातर, वर्किंग मॉम्स अपनी योग्यता और अपने काम के प्रति कमिटमेंट के बावजूद भी और लोगों की तुलना में कम आंकी जाती हैं। ऐसे में महिलाओं में नौकरी से असंतुष्टि होने लगती है। इससे उनके मन में बुरा प्रभाव पड़ता है और कभी-कभी तो नौकरी छोड़ने की भी नौबत आ जाती है।

वर्किंग महिलाओं की एक और बड़ी समस्या उनके जीवनसाथी के साथ अंतरंगता में कमी आना है। थकान, तनाव, घर और ऑफिस के कामों में उलझे रहने की वजह से सेक्स लाइफ भी फीकी होने लगती है। इसका प्रभाव रिश्ते पर भी दिखने लगता है।

अगर माता-पिता दोनों ही कामकाजी हैं, तो इसका मतलब है कि बच्चे की परवरिश के लिए उन्हें किसी तीसरे व्यक्ति की मदद की आवश्यकता हो सकती है। आमतौर पर अपनी इस समस्या को सुलझाने के लिए लोग बच्चे की देखभाल करने के लिए आया के साथ-साथ ढेर सारे खिलौने और सुविधा जनक वस्तुएं खरीदते हैं। इन सुविधाओं में उनकी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा भी खर्च होता है।

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