जानिये आलूबुखारे का जूस पीने के औषधीय फायदे

आलूबुखारे का जूस रखें पाचन तंत्र को स्वस्थ –
यह रस पाचन तंत्र को बेहतर रखने के लिए जाना जाता है। यदि आप कब्ज या अपच से पीड़ित हैं, तो आपको एक गिलास आलूबुखारे के रस का सेवन करना चाहिए। इस रस में पाए जाने वाले फाइबर पाचन प्रक्रिया और आंतों के पोषण को सुधारने में मदद कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी है जो बवासीर की समस्या से परेशान रहते हैं। इसलिए आपको इस जूस का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए।

आलूबुखारे की सर्विंग में 4 ग्राम फाइबर होता है और आधा कप आलूबुखारे में 6.2 ग्राम फाइबर होता है। 50 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को हर दिन 25 ग्राम फाइबर लेने की सलाह दी जाती है और 50 वर्ष से कम उम्र के पुरुषों को 38 ग्राम फाइबर का सेवन करने की सलाह दी जाती। 50 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों और महिलाओं के लिए क्रमशः 30 ग्राम और 21 ग्राम फाइबर का सेवन लाभकारी माना जाता है।

आलूबुखारे के जूस के औषधीय गुण बचाएं कैंसर से –
अक्सर कोलन कैंसर का पता लगाना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन यह काफी खतरनाक हो सकता है। कुछ आहार कोलन कैंसर को रोकने में मदद कर सकते हैं। रिसर्च के अनुसार अपनी डाइट में ड्राई आलूबुखारा को शामिल करने से इसके जोखिम को कम किया जा सकता है।

आलूबुखारा के रस पर की गई एक रिसर्च के अनुसार यह रस आपके पेट के अंदर मौजूद जीवाणुओं के स्तर में काफी सुधार कर सकता है। इससे कोलन कैंसर का खतरा कम हो सकता है। अध्ययन के अनुसार आलूबुखारे का रस कोलन कैंसर के विकास में बाधा डालने में मदद करता है। लेकिन अभी भी अन्य प्रकार के कैंसर पर इस रस के एंटीऑक्सीडेंट प्रभावों को लेकर रिसर्च की जा रही है।

आलूबुखारे के जूस के फायदे करें एनीमिया को दूर –
जैसा कि आप जानते हैं, शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कम मात्रा के कारण एनीमिया होता है। आलूबुखारा का रस लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है।

आयरन का एक बड़ा स्रोत होने के कारण आलूबुखारे का रस, आयरन की कमी के कारण होने वाले एनीमिया और इसके लक्षण थकान, अवसाद और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं को रोकने में मदद कर सकता है। एक कप आलूबुखारा के रस में 6 मिलीग्राम आयरन होता है, जो कि दैनिक जरुरत का 34 प्रतिशत है।

आलूबुखारे के जूस के लाभ स्वस्थ ह्रदय के लिए –
आलूबुखारा के रस में एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करती है जिससे हृदय रोगों को रोकने में मदद मिलती है। इस रस में पोटेशियम की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है जो हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन K धमनियों को सख्त होने से रोक कर हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है।

आलूबुखारे के जूस के गुण रखें कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित –
एंटीऑक्सिडेंट्स और घुलनशील फाइबर होने के कारण आलूबुखारा का रस शरीर में एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ साथ एथेरोस्क्लेरोसिस के खतरे को भी रोकने में मदद करता है। एथरोस्क्लेरोसिस की समस्या धमनियों में फैट और कोलेस्ट्रॉल के जमने का कारण होती है। शरीर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल भी हार्ट फेलियर, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का कारण बन सकता है। यह रस प्लाक को बनने से रोकने में मदद करता है। इस अध्ययन के अनुसार, आलूबुखारे के रस में एंटीऑक्सीडेंट कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।

आलूबुखारे के जूस का सेवन करें लिवर के लिए –
आलूबुखारा का रस आपके लिवर में दो मुख्य एंजाइम के उत्पादन को बनाए रखने में मदद करता है, जिसमें एलानिन एमिनोट्रांसफेरस भी एक है। यह एंजाइम आपके शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है। जब आपका लिवर खराब हो जाता है, तो यह आपके रक्त में एएलटी के स्तर को बढ़ाता है जिससे रक्त का स्तर बढ़ जाता है।

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