जानिए गर्मियों में ठंडे पानी के नुकसान

सामान्य तापमान का पानी पीने से पाचन क्रिया ठीक बनी रहती है, जबकि ठंडा पानी पीना आपकी कब्ज की समस्या का एक कारण बन सकता है। इसके साथ ही ठंडा पानी पीने से आपका खाना सख्त व कठोर हो जाता है और इसको बाहर आने में परेशानी होती है। ठंडा पानी पीने से आंतों में भी संकुचन होने लगता है, इससे मल को बाहर निकलते समय मुश्किल होती है और आपको कब्ज की समस्या का सामना करना पड़ता है।

ठंडा पानी पीने से बचने का मुख्य कारण यह है कि इसका पाचन क्रिया पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। ठंडा पानी और ठंडे पेय पदार्थ पीने से रक्त वाहिकाएं संकुचित होती है और पाचन क्रिया बाधित हो जाती है। ठंडा पानी पीने से पाचन तंत्र के द्वारा पोषक तत्वों के अवशोषण की प्रक्रिया बाधित होती है। ठंडा पानी पीने के बाद आपका शरीर पाचन क्रिया के स्थान पर शरीर के तापमान को सामान्य करना शुरू कर देता है।

जब आप किसी ठंडी चीज को खाते या पीते हैं तो तापमान को नियंत्रित व सामान्य करने के लिए शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा लगानी पड़ती है। पाचन क्रिया को सही बनाएं रखने और पोषक तत्वों को अवशोषित करने के लिए शरीर को इसी अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है, लेकिन इस ऊर्जा के द्वारा तापमान को नियंत्रित करने की वजह से पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है व पोषण तत्वों के अवशोषण में बाधा आनी शुरू हो जाती है।

आपने अपने घर के व्यस्कों और बुजुर्गों को ठंडा पानी न पीने के लिए कहते सुना होगा। दरअसल ठंडा पानी पीने से गला दर्द व सर्दी जुकाम होने का जोखिम अधिक होता है। विशेष रूप से खाना खाने के बाद ठंडा पानी पीने से श्वसन तंत्र में बलगम बनने लगता है, जो श्वसन तंत्र में सुरक्षात्मक परत की तरह काम करता है। हालांकि बलगम होने के कारण श्वसन तंत्र कई तरह के इंफ्लेमेटरी इन्फेक्शन हो जाते हैं।

हृदय दर का कम होना भी ठंडा पानी न पीने की वजह होती है। कई अध्ययनों से इस बात का पता चलता है कि ठंडा पानी पीने से ना सिर्फ हृदय दर में कमी आती है, बल्कि यह वैगस नर्व (vagus nerve) को भी उत्तेजित करता है। वैगस नर्व शरीर के अनैच्छिक कार्यों (जिन पर नियंत्रण ना हो) को नियंत्रित करती है। यह तंत्रिका (nerve) भी शरीर के तंत्रिका तंत्र में महत्वपूर्ण होती है। ठंडे पानी से वैगस नर्व सीधे प्रभावित होती है, जिससे हृदर दर में कमी आने लगती है।

यदि आप बर्फ और आइसक्रीम खाने के बाद ब्रेन फ्रिज (brain freeze: एक तरह का सिरदर्द) को महसूस करते हैं, तो बर्फ के ठंडे पानी को पीने से भी आपको इसी तरह की समस्या हो सकती है। ठंडा पानी रीढ़ की हड्डी की कई संवेदनशील नसों को ठंडक प्रदान करता है, जिसके परिणामस्वरुप यह नसे तुरंत मस्तिष्क को संदेश भेजती हैं, इसकी वजह से आपको सिरदर्द होने लगता है।

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