जानिए 1st,2nd और 3rd Ac” की सुविधाओं में क्या अंतर होता है ट्रेन में

बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो रेलवे के फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी के बीच क्या अंतर होता है, यह नहीं जानते हैं और वह लोग सोचते हैं कि फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी में सिर्फ किराए भर का अंतर होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता है बल्कि अलग-अलग कैटेगरी में किराए के साथ साथ अलग-अलग सुविधाएं भी दी जाती है।

फर्स्ट एसी:- फर्स्ट एसी रेलवे का सबसे महंगा क्लास होता है और इसका किराया भारत में चलने वाली एयरलाइंस के आम किराए से कम नहीं होता है। यह पूरा कोच एयर कंडीशनर होता है और यह सिर्फ मेट्रो पॉलिटिक्स शहरों के चुनिंदा रूट के लिए ही उपलब्ध होता है। बता दे कि “आईसीएफ” कोच में 18 यात्रियों के लिए ही सीट होती है जबकि “एलएचबी” कोच में 24 यात्री तक बिठाये जा सकते हैं और इस कैटेगरी के कोच में कारपेट बिछा होता है और इस कोच में सोने के साथ-साथ आपकी निजी लग्जरी की सुविधाएं भी होती। है। इसके अलावा इस कोच में मिलने वाला खाना भी काफी बेहतर होता है।

सेकंड एसी:- रेलवे का सेकंड एसी कोच भी फुली एयर कंडीशनर होता है। इसमें एप्पल लेगरूम होता है, पर्दे होते हैं और इंडिविजुअल रीडिंग लैंप भी लगा होता है। इस कोच में सीटें 6 सेक्शन में 2 लेवल में बेटी होती है और 4 सीटें कोच की चौड़ाई में फैली होती है और 2 सीटें साइड में होती है। प्राइवेसी का ख्याल रखते हुए हर सीट में पर्दा लगा हुआ होता है। एक आईसीएफ कोच में 46 यात्री सफर कर सकते हैं। वही एलएचबी कोच में 52 यात्री सफर कर सकते हैं।

थर्ड एसी:- दोस्तों यह कोच भी स्लीपिंग बर्थ के साथ फुल एयर कंडीशनर होता है। हालांकि इसकी सिटे सेकंड एसी की तरह ही व्यवस्थित होती है, लेकिन इसमें चौड़ाई की रिलेटिव 3टीयर होते हैं और इसमें पढ़ने के लिए किसी भी प्रकार का कोई लैंप नहीं लगा होता है।

थर्ड एसी कोच को पहले से और बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस में उपलब्ध कराई जाने वाली बेड के खर्चा आप के किराए में शामिल होता है। स्लीपर क्लास के मुकाबले इसमें थोड़ा ज्यादा स्पेस होता है। दोस्तों एक स्लीपर कोच में 72 यात्री सफर कर सकते हैं। वहीं थर्ड एसी कोच में सिर्फ 64 यात्री ही सफर कर सकते हैं और यह स्लीपर क्लास के बाद रेलवे का सबसे अफॉर्डेबल क्लास होता है।

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